अनुदान और वेतन की मांग लंबित, 10 को वित्त रहित शिक्षकों का महाधरना

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चार सूत्री मांगों को लेकर झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा 10 मार्च 2026 को विधानसभा के सामने विशाल महाधरना देगा। मोर्चा के अनुसार राज्यभर के इंटरमीडिएट कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालय में कार्यरत हजारों शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी अपने-अपने संस्थानों के बैनर के साथ धरना में शामिल होंगे। मोर्चा का कहना है कि 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि का मामला वर्ष 2022 से लंबित है। वित्त विभाग और विधि विभाग की सहमति तथा विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव मंत्रिपरिषद को मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने विमर्श के लिए फाइल विभाग को लौटा दी। इसके बाद छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मंत्रिपरिषद की सहमति नहीं मिल सकी है। मोर्चा ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त कर नियमावली बनाकर राज्यकर्मियों के समान वेतन देने की मांग भी उठाई है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग के विशेष सचिव ओम प्रकाश साह ने 17 मार्च 2025 को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था, लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी नियमावली बनाने के लिए विभाग को पत्र भेजा था। संगठन ने सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ वित्त रहित संस्थानों की छात्राओं को फिर से देने की मांग की है।

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