आरयू के 250 अनुबंध कर्मियों का 20% बढ़ेगा मानदेय, सेवा नियमित करने को बनेगी कमेटी

Date:

रांची यूनिवर्सिटी में लंबित मांगों को लेकर सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच शुरू हुई बातचीत हंगामे में बदल गई। सातवें वेतनमान, 20 प्रतिशत मानदेय वृद्धि, अनुबंध कर्मियों के नियमितीकरण, निलंबन समाप्त करने और आउटसोर्सिंग जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ कर्मियों ने अधिकारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई। बाद में प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद मेहता, फाइनेंस ऑफिसर डॉ. दिलीप, कर्मचारी महासचिव अर्जुन राम और कर्मचारी नेता नवीन चंचल की पहल पर दोबारा वार्ता शुरू हुई, जिसमें कई लंबित मांगों पर सहमति बनी। इन मांगों पर कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 15 दिन का समय मांगा है। बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से फाइनेंशियल एडवाइजर अजय कुमार मांगों पर जवाब दे रहे थे, जबकि रजिस्ट्रार डॉ. गुरुचरण साहू ने इस दौरान कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पेंशन नहीं मिली, जमीन पर लेट गए डोरंडा कॉलेज के रिटायर्डकर्मी बैठक के दौरान डोरंडा कॉलेज के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी द्वारा फरवरी माह की पेंशन नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई। जानकारी के अनुसार पेंशन की राशि समय पर नहीं मिलने से वे काफी परेशान थे और इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण वे वहीं लेट गए। उपस्थित लोगों ने उन्हें संभाला और स्थिति को शांत कराया। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन की राशि पहले ही भेज दी गई है। इन लंबित मांगों पर बनी सहमति 1. अनुबंध कर्मियों की सेवा नियमित : विभिन्न कॉलेजों और मुख्यालय में 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की सेवा नियमित करने के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई है। वहीं कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया गया कि इसमें कर्मचारी के दो प्रतिनिधि होने चाहिए। 2. 36 कर्मचारियों को सातवां वेतनमान : 36 कर्मचारियों की सेवा पहले नियमित की जा चुकी है, उन्हें फिलहाल विवि द्वारा छठे वेतनमान के तहत भुगतान किया जा रहा है। इन कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। 3. अनुबंध कर्मचारियों को 20% वृद्धि का प्रस्ताव : अनुबंध कर्मचारियों के लिए हर दो वर्ष पर 20 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का नियम है। इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाने और शीघ्र देने पर सहमति बनी। 4. सस्पेंशन पर नहीं हुआ फैसला : दो कर्मचारियों के निलंबन समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निलंबन समाप्त करने का अधिकार उनके क्षेत्र में नहीं है। कर्मचारी नेता अर्जुन और नवीन चंचल ने कहा कि कर्मचारी से संबंधित मामला कोर्ट में लंबित है, ऐसे स्थिति में निलंबन अनुचित है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शिवाजीनगर के बंदा के छात्र-छात्रा शैक्षिक परिभ्रमण के लिए रवाना

भास्कर न्यूज |शिवाजीनगर शिक्षा के साथ साथ विद्यार्थियों के...

नुक्कड़ नाटक में दिया डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों से बचने की अपील

भास्कर न्यूज | रानीपतरा बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना...

Babar Azam dropped from Pakistan’s ODI squad for Bangladesh tour | Cricket News

3 min readMar 4, 2026 09:46 PM IST After an...

जंगली हाथियों का लोकेशन अब रीयल- टाइम में मिलेगा, कर्नाटक के 7 कुमकी हाथियों से होगी निगरानी

हावड़ा–मुंबई मुख्य रेलखंड पर मंगलवार तड़के जराईकेला और भालूलता...
Join Us WhatsApp