राज्य सरकार उद्योगों को सब्सिडी देने के लिए नीति को और सरल एवं आकर्षक बनाएगी। यह औद्योगिक नीति में बदलाव के तहत होगा। इस बाबत मंगलवार को हाई पावर कमेटी की बैठक हुई। इसमें औद्योगिक इकाईयों को सब्सिडी देने को लेकर आए प्रस्ताव पर मंथन हुआ। अगली बैठक में स्वीकृति पर निर्णय होने की संभावना है। मालूम हो कि राज्य सरकार औद्योगिक निवेश के प्रोत्साहन के लिए पूंजी निवेश पर सब्सिडी देती है। सूत्रों को मुताबिक इस बैठक में सब्सिडी की वर्तमान नीति पर बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। हुआ है कि उद्योग विभाग सब्सिडी के लिए कई प्रावधान व प्रक्रिया में बदलाव को लेकर प्रस्ताव तैयार करे। फिर उसे मंजूरी के लिए सरकार के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही उसे लागू करने की प्रक्रिया तय होगी। मालूम हो कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी की मंजूरी के बाद उद्योगों को सब्सिडी का भुगतान होता था। उसमें बदलाव कर उद्योग सचिव की अध्यक्षता में विभागीय कमेटी और सिंगल विंडो के स्तर से तय कर लेने का प्रावधान हुआ था। औद्योगिक प्रोत्साहन सब्सिडी निर्धारण की लंबी प्रक्रिया होती है। भुगतान में विलंब होता है। इससे बचने के लिए राज्य सरकार हाईपावर कमेटी के पावर को सचिव और सिंगल विंडों में डेलीगेट करने की रूपरेखा तय की है। पिछले दिनों विकास आयुक्त ने उद्योग विभाग को बिहार और दूसरे बेहतर राज्यों की तर्ज पर नई औद्योगिक नीति बनाने का निर्देश दिया था। मालूम हो कि अभी कई प्रक्रियाओं से गुजरते हुए हाई पावर कमेटी में निर्णय के बाद उद्योगों को सब्सिडी मिलती है। प्रक्रिया में बदलाव हो जाने पर सिंगल विंडों के स्तर से ही सब्सिडी देने का निर्णय हो जाएगा।
उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी की नीति में हो सकता है बदलाव
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