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तिरहुत रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) चंदन कुमार कुशवाहा ने सोमवार को मुजफ्फरपुर पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, लंबित कांडों की समीक्षा, अपराध नियंत्रण से जुड़ी गतिविधियों और जन शिकायतों के निष्पादन की स्थिति का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीआईजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश मिश्रा तथा नगर व ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (मानव तस्करी विरोधी इकाई) शाखा के पुनर्गठन का निर्देश दिया गया। यह शाखा मानव तस्करी और अपहरण से जुड़े मामलों की प्रगति, अपहृत व्यक्तियों की बरामदगी, ट्रायल की निगरानी, संगठित गिरोहों की पहचान तथा अपराधियों की गिरफ्तारी की मॉनिटरिंग करेगी। शस्त्र अधिनियम के मामलों की निगरानी के लिए भी नई शाखा बनेगी
डीआईजी ने जिला स्तर पर एनडीपीएस (मादक पदार्थ) कांडों की निगरानी के लिए अलग शाखा गठित करने का निर्देश दिया। यह शाखा एनडीपीएस से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग, अपराधियों की सूची, डोजियर, जब्त संपत्ति, केस की प्रगति, मासिक प्रतिवेदन और कोर्ट में लंबित मामलों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही शस्त्र अधिनियम के मामलों की निगरानी के लिए भी नई शाखा बनाने का निर्देश दिया गया है। यह शाखा हथियारों की जब्ती की जांच, अभियोजन स्वीकृति, हथियार तस्करों की गिरफ्तारी तथा कांडों के त्वरित ट्रायल की निगरानी करेगी। साथ ही कांड दर्ज होने के एक माह के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
मद्यनिषेध कांडों की भी हुई समीक्षा निरीक्षण के दौरान मद्यनिषेध से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। इसमें कांडों की मॉनिटरिंग, अभियुक्तों और गिरोहों की सूची, जब्त शराब के विनष्टीकरण, मालखाना सत्यापन तथा जागरूकता अभियान से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नए थाने खोलने पर सहमति बैठक में गन्नीपुर और चककी सोहागपुर में नए थाना खोलने पर सहमति बनी। इसके लिए क्षेत्राधिकार निर्धारण संबंधी प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। आदेश प्राप्त होने के बाद दोनों थानों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कच्ची-पक्की ओपी को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पश्चिमी-02 के क्षेत्राधिकार में लाने का निर्णय लिया गया है और इसका प्रस्ताव भी मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
आरटीपीएस और आरटीआई मामलों में सख्ती निरीक्षण में पाया गया कि कुछ थानों में आरटीपीएस के तहत चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित 14 दिनों की अवधि में पूरी नहीं हो रही है। इस पर संबंधित थानाध्यक्षों पर नियमानुसार आर्थिक दंड लगाने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा आरटीआई के तहत निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले लोक सूचना पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव डीआईजी ने निर्देश दिया कि 1 अप्रैल 2026 से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पश्चिमी-01 और पश्चिमी-02 के क्षेत्रों को नगर पुलिस अधीक्षक के क्षेत्राधिकार में लाया जाएगा। फिलहाल ये क्षेत्र ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अंतर्गत आते हैं। प्रशासनिक सुविधा और कार्यों के बेहतर निष्पादन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान सीसीटीएनएस, अभियोजन कोषांग, त्वरित विचारण शाखा और लोक शिकायत कोषांग के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही मद्यनिषेध एवं उत्पाद नियंत्रण कोषांग, विदेशी शाखा, पासपोर्ट शाखा और डायल 112 की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया गया। डीआईजी ने सभी इकाइयों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार और प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।




