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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में एमएसीपी पर बिना किसी नोटिफिकेशन के लगी रोक हटाने की मांग को लेकर कर्मचारी पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय के लगभग सभी प्रशासनिक कार्य ठप हो गए हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने परीक्षा को छोड़कर अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी बंद करा दीं। डिग्री, माइग्रेशन और अन्य प्रमाण पत्र लेने पहुंचे कई छात्र बिना काम कराए ही निराश लौट गए। पलामू से आए दिनेश पासवान ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में व्याख्याता पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 13 मार्च है, लेकिन अभी तक उन्हें आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। कर्मचारी संघ के महासचिव रोहित कुमार सिंह, संतोष कुमार, शैलेंद्र कुमार, उदय प्रसाद और मनोज कुमार ने कहा कि अधिकारियों के टालमटोल रवैये के कारण प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियां भी बंद कराने का निर्णय लिया गया है। इधर कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मंगलवार को विश्वविद्यालय में फाइनेंस कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें एमएसीपी भुगतान बहाल करने के प्रस्ताव पर निर्णय होने की संभावना है। हड़ताल के कारण सोमवार को रजिस्ट्रार, फाइनेंस ऑफिसर समेत कई अधिकारी कैंपस में पेड़ों की छाया में बैठे नजर आए। आरयू-डीएसपीएमयू के वीसी एक, पर नीति अलग कर्मचारियों का कहना है कि आरयू और डीएसपीएमयू दोनों के कुलपति एक ही हैं, इसके बावजूद एमएसीपी देने को लेकर दोनों विश्वविद्यालयों की नीतियां अलग-अलग हैं। कर्मियों ने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कुलपति एक दिन भी कैंपस नहीं आए हैं। उनका कहना है कि 26 जनवरी के झंडोत्तोलन कार्यक्रम के बाद से कुलपति विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों ने कर्मचारियों के समर्थन में की नारेबाजी छात्रों ने भी कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। छात्रों ने कर्मचारियों की समस्याओं पर चिंता जताते हुए कहा कि मामले में लोकभवन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना था कि अन्य विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ मिल रहा है, ऐसे में डीएसपीएमयू के कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। कर्मियों ने काम बंद कराया सोमवार को कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में घूम-घूमकर विभिन्न विभागों में कामकाज बंद कराया। इसके कारण विवि के सभी विभागों में ताला लटक गया और शैक्षणिक गतिविधियां ठप हो गईं। हालांकि मास कम्युनिकेशन विभाग में चल रही मिड परीक्षा को बाधित नहीं किया गया। बंद कराने के दौरान कुछ विभागों में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हड़ताल का क्या-क्या असर
एमएसीपी बहाल करने पर फाइनेंस कमेटी की बैठक आज:डीएसपीएमयू : छात्रों को नहीं मिल रही डिग्री और प्रमाण पत्र, फरवरी माह का वेतन-पेंशन भी लंबित
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