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गयाजी के ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर के लिए लोग परेशान हैं। ऑनलाइन नंबर लगाने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा। एजेंसी के कर्मी गांव में डिलीवरी करने नहीं जा रहे हैं। ऐसे में शहर से 10 किलोमीटर दूर गांव-देहात से लोग खाली सिलेंडर लेकर शहर में एजेंसियों के दफ्तर आ रहे हैं। जिन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलता वे इस गर्मी में लकड़ी के चूल्हे पर खाने बनाते हैं। जिससे उन्हें परेशानी होती है। गया चेरकी मुख्य मार्ग चंदौती मोड़ स्थित टीएनएस गैस एजेंसी है। यहां हर सुबह 10 बजे के बाद लोग बड़ी संख्या में खाली गैस सिलेंडर लेकर आते हैं और कतार में लग जाते हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि जिले में सिलेंडर में की कोई कमी नहीं है, पर शहर में ग्रामीणों लाइन लग रही है।
गैस एजेंसी पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताई अपनी-अपनी परेशानियां, पढ़िए रिपोर्ट…
घर में गैस नहीं है शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर चेरकी बगाही से दिलीप कुमार पहुंचे। उन्होंने कहा कि घर में गैस नहीं है। मैं टीएनएस गैस एजेंसी का उपभोक्ता हूं। नंबर ऑनलाइन लगाया था। मैसेज भी आ चुका है, लेकिन अब तक गैस डिलीवर नहीं हो सका। इस वजह से परेशानी है। साइकिल से खाली सिलेंडर लेकर शहर पहुंचे गैस एजेंसी के उपभोक्ता रामब्रत मिस्त्री ने बताया कि मैं 15 किलोमीटर दूर बजराही चपरदाह से साइकिल से सिलेंडर लेकर एजेंसी आया। इतनी दूर से आने की वजह यही है कि गैस नहीं है। एक महीना हो गया नंबर लगाए हुए, लेकिन एजेंसी वाले अब तक गांव में सिलेंडर डिलीवर करने नहीं आया। इस वजह से समस्या कठिन हो गई और घर में गैस खत्म हो गई।
ओटीपी-मैसेज आया पर सिलेंडर नहीं पहुंचा भारत गैस की एजेंसी पहुंचे अखिलेश कुमार ने बताया कि गैस के फिराक में कुजापि से यहां आया हूं। कुजापि शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। घर में गैस नहीं होने की वजह से यहां मुझे आना पड़ा है। दूसरी बड़ी वजह यह भी है कि गांव डिलीवरी करने के लिए गैस एजेंसी के कर्मी आ ही नहीं रहे हैं। 19 मार्च को नंबर लगाया था। मैसेज आया, ओटीपी भी आ गया, पर अब तक सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी और गोदाम के चक्कर काट रहे अजित कुमार और रोशन कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर लेकर बाइक से एजेंसी और गोदाम का चक्कर काट रहे हैं। एजेंसी वाले कहते हैं कि जिसकी पर्ची काटी जाएगी उसे ही सिलेंडर दिया जाएगा, पर ऐसा हो नहीं रहा है।

