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कटिहार पुलिस ने अपराध अनुसंधान विभाग, पटना द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 संदिग्ध ‘म्यूल’ बैंक खातों का सत्यापन किया है। इस जांच में कुल 2 करोड़ 21 लाख 61 हजार रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक बैंक मैनेजर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य साइबर अपराध पर रोक लगाना और अवैध धन के प्रवाह को नियंत्रित करना है। कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष छापामारी टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। दो मामलों में दर्ज हुए केस पहला मामला…
9 मार्च को चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल और रवि शंकर रवि के खिलाफ कांड संख्या 12/26 दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों ने अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को अवैध लेनदेन के लिए उपलब्ध कराए थे। इन खातों के माध्यम से 50 लाख 69 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। पुलिस ने इनके पास से चेकबुक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। दूसरा मामला…
18 मार्च 2026 को कांड संख्या 17/26 दर्ज करते हुए कैलाश प्रसाद साह (57), रिन्दू कुमार (32), राजेश कुमार मिश्रा (34) और ICICI बैंक के शाखा प्रबंधक कौशल कुमार (34) को आरोपी बनाया गया। इन पर साइबर अपराधियों के साथ मिलकर अपने खातों के जरिए 1 करोड़ 70 लाख 92 हजार रुपये का अवैध लेनदेन करने और संपत्ति छिपाने का आरोप है। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों को सील कर दिया है और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। छापामारी टीम की अहम भूमिका
इस विशेष टीम में पुलिस निरीक्षक विमल कुमार मंडल, श्वेता कुमारी, बबली कुमारी (साइबर थाना, कटिहार) और सिपाही ललन कुमार शामिल थे। टीम ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। निजी बैंकिंग जानकारी शेयर न करें
कटिहार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का इस्तेमाल किसी भी अवैध लेनदेन के लिए न करें और अपनी निजी बैंकिंग जानकारी अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार में करोड़ों का साइबर फ्रॉड:ऑपरेशन प्रहार 2.0 में CA- बैंक मैनेजर समेत 6 अरेस्ट,चेकबुक-मोबाइल जब्त
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