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झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी करने के आरोप में की गई है। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि यह निर्णय अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने लिया है। पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू पर आरोप है कि वह हाल के दिनों में पार्टी के दिशानिर्देशों से हटकर लगातार बयान दे रहे थे। बीते गुरुवार को उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की थी, जिसे पार्टी की अनुशासन समिति ने गंभीरता से लिया। इस संबंध में झारखंड कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने एक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि योगेंद्र साहू ने गुरुवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से एक वीडियो जारी किया था, जिसमें वह झारखंड सरकार के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान देते हुए दिखाई दिए। डॉ. रामेश्वर उरांव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में झारखंड सरकार में कांग्रेस की भी भागीदारी है। ऐसे में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहना कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी करने जैसा है। उन्होंने कहा कि योगेंद्र साहू के इस कृत्य से एक ओर जहां गठबंधन में असहजता उत्पन्न हुई है, वहीं कांग्रेस पार्टी की छवि भी धूमिल हुई है। यह घटना गुरुवार को एनटीपीसी के खनन क्षेत्र में आने वाले योगेंद्र साहू के घर को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद हुई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूर्व मंत्री ने फेसबुक वीडियो के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया था।
कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू को किया निष्कासित:मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी करने पर की गई कार्रवाई
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