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कैमूर में पहली बार पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने समाहरणालय सभागार में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड के कारण 2021 में स्थगित हुई जनगणना अब दो चरणों में कराई जाएगी। जनगणना का पहला चरण हाउस लिस्टिंग का होगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रगणकों का प्रशिक्षण पटना में संपन्न हो चुका है। मुख्य रूप से शिक्षक प्रगणक की भूमिका निभाएंगे। ब्लॉक स्तर पर बीडीओ और नगर निकायों में कार्यपालक अधिकारी चार्ज अधिकारी होंगे। कुल 3537 प्रगणक और 1300 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। स्वयं पंजीकरण कर सकते है लोग इस जनगणना की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘सेल्फ इन्यूमरेशन’ यानी स्वयं पंजीकरण है। इसके लिए 17 अप्रैल से 1 मई तक सरकार का पोर्टल सक्रिय रहेगा। नागरिक इस पोर्टल पर स्वयं और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए एक छोटा वीडियो भी साझा किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह वैकल्पिक है। जनगणना के आधार पर लिया जाएगा निर्णय जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने बताया कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही नीतियां और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। इसलिए पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से 17 अप्रैल से 1 मई तक स्वयं पंजीकरण करने की अपील की, जिससे प्रशासन को भी सुविधा होगी। जनगणना के दूसरे चरण में प्रगणक मोबाइल ऐप का उपयोग कर घर-घर जाकर गणना करेंगे। यह ऐतिहासिक कदम देश की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगा।


