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जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को कैमूर के एक निजी होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों की रणनीति और पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों पर चर्चा की। बैठक में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। नीतीश की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं शासन चला सकें
प्रशांत किशोर ने अपनी पुरानी भविष्यवाणी दोहराते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि एनडीए चुनाव जीत भी जाए, तो भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार की वर्तमान मानसिक और शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह प्रभावी रूप से शासन चला सकें। पीके ने सवाल उठाया कि 202 विधायकों के समर्थन वाला नेता दिल्ली और राज्यसभा की ओर क्यों देख रहा है, और कहा कि अफसरशाही भले ही सच छिपाए, लेकिन सच्चाई यह है कि वह अब सक्रिय मुख्यमंत्री नहीं हैं। लोग दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते रहेंगे
वंशवाद पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जीवन भर वंशवाद के खिलाफ बोलते रहे, लेकिन आज उनका अपना बेटा राजनीति में आ रहा है। उन्होंने जनता को आगाह किया कि नेता अपने बच्चों के लिए तो सिंहासन की व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन बिहार के आम लोगों ने अपने बच्चों के लिए अशिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ही चुना है। पीके ने जोर दिया कि जब तक लोग अपने बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं करेंगे, वे दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते रहेंगे। बैठक के दौरान मोहनिया सीट पर हार को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच हुई नोकझोंक पर प्रशांत किशोर ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि यह जन सुराज लोगों का अपना दल है, और इसमें वाद-विवाद स्वाभाविक है। पीके ने मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह केवल 4 मिनट के हंगामे को दिखा रही है, जबकि घंटों चली सार्थक चर्चा पर किसी का ध्यान नहीं है।
कैमूर में प्रशांत किशोर का नीतीश पर हमला:बोले- शासन चलाने की स्थिति में नहीं CM, निशांत की एंट्री पर वंशवाद का तंज कसा
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