Monday, March 30, 2026

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कौन हैं युमनाम खेमचंद? जो होंगे मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री, चुने गए विधायक दल के नेता


मणिपुर में सरकार बनाने की हलचल तेज हो गई है. युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. युमनाम खेमचंद 2 बार के विधायक हैं और अभी की बिरेन सिंह सरकार में मंत्री भी थे. खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं. उनके नाम का प्रस्ताव खुद पूर्व मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने रखा था.

जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था राष्ट्रपति शासन 

मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था. बीजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. राष्ट्रपति शासन इस साल 12 फरवरी को समाप्त होने वाला है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया है.

दिल्ली में पार्टी हाई कमान के साथ हुई बैठक

पूर्वोत्तर के इस राज्य में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था. हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मौजूदा समय में स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह बीजेपी के आलाकमान के साथ मीटिंग के लिए दिल्ली आए थे. इस बैठक में मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष ए शारदा देवी भी मौजूद थीं.

मेइती और कुकी विधायकों के साथ बीजेपी नेता की बैठक

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में अपने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी दलों एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ अलग-अलग कई बैठकें कीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लोकप्रिय सरकार के गठन के लिए राजनीतिक स्थिति अनुकूल है. 14 दिसंबर, 2025 को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक संबित पात्रा ने दिल्ली में एक ही छत के नीचे मेइती और कुकी समुदायों से आने वाले बीजेपी विधायकों से मुलाकात की थी.

मणिपुर में किस पार्टी के पास कितनी सीटें

बीजेपी ने 2022 के चुनाव में 32 सीट हासिल की थी, लेकिन बाद में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के छह विधायकों में से पांच ने उसका दामन थाम लिया. इसी के साथ सदन में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई. इसके अलावा सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) के दो, जेडीयू का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. एक सीट निवर्तमान विधायक के निधन से खाली है.



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