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गिरिडीह शहरी क्षेत्र के बस स्टैंड के समीप स्थित मझिथान में आदिवासी समाज का प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। रविवार सुबह से ही मझिथान परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने प्रकृति की आराधना करते हुए विधिवत पूजा-अर्चना की और अच्छे मौसम, बेहतर फसल तथा समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और पारंपरिक अनुष्ठानों का क्रम पूरे दिन चलता रहा। मंत्री समेत जनप्रतिनिधियों ने लिया भाग इस अवसर पर झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, महापौर प्रमिला मेहरा और बीस सूत्री उपाध्यक्ष संजय सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मझिथान पहुंचकर सरहुल पूजा में भाग लिया और पारंपरिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि दिसुम मझिथान में हलमोगो द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य के सभी लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है। उन्होंने सरहुल को आदिवासी समाज की प्रकृति के प्रति आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए इसे संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। मांदर की थाप पर झूमे लोग सरहुल पर्व के दौरान आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। मांदर की थाप गूंजते ही महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में समूह बनाकर झूम उठीं और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक लोकगीतों और वाद्य यंत्रों की धुन से पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। पुरुषों ने भी ताल मिलाकर आयोजन को जीवंत बनाया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और लोगों ने एक-दूसरे को सरहुल की बधाई दी। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व शहरी श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उल्लास और सांस्कृतिक रंगत का माहौल बना रहा।
गिरिडीह के मझिथान में सरहुल पर्व धूमधाम से मना:मांदर की थाप पर झूमे लोग, संस्कृति की दिखी झलक, सुख-समृद्धि की कामना की गई
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