गुणवत्ता, पैकेजिंग और मानकों पर विशेष ध्यान दें किसान-DM:सुपौल में कृषि निर्यात कार्यशाला में किसानों से अपील, कहा- मखाना-राजमा में संभावनाएं

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सुपौल जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में उत्पादित कृषि वस्तुओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना था। कृषि निर्यात कार्यशाला में ये अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, जिला कृषि पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान कृषि विज्ञान केन्द्र राघोपुर, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, अग्रणी बैंक प्रबंधक, परियोजना निदेशक “आत्मा”, जिला प्रबंधक जीविका, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला कृषि विपणन पदाधिकारी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के जिला प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। मक्का, फल, सब्जी और फसलों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से लाभ कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि सुपौल के किसानों के पास मखाना, राजमा, मक्का, फल, सब्जी एवं अन्य उद्यानिक फसलों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से उत्पादन की गुणवत्ता, पैकेजिंग और मानकों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, ताकि जिले के उत्पाद दूसरे राज्यों और विदेशों में निर्यात योग्य बन सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को किसानों को तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया। उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से बाजार में बनेगी मजबूत पहचान इस अवसर पर कृषि एवं प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) बिहार, पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी आनंद प्रकाश ने निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, प्रमाणन, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के माध्यम से सुपौल के किसान वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। कार्यशाला में उपस्थित किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और निर्यात से जुड़ी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए। अंत में जिला प्रशासन के द्वारा संबंधित विभागों को निर्यात उन्मुख कृषि को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया।

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