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Bengal News: चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने ग्रुप बी श्रेणी के 8,505 अधिकारियों की सूची आयोग को सौंपी थी. इन्हें माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किया जाना था. अब इस सूची पर सवाल खड़े हो गये हैं.
ग्रुप सी के 30 प्रतिशत अधिकारियों को बताया ग्रुप बी का
आरोप है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने जो लिस्ट चुनाव आयोग को भेजी है, उसमें लगभग 30 प्रतिशत कर्मचारी ग्रुप सी श्रेणी के हैं. ग्रुप सी के इन अधिकारियों को ग्रुप बी का अधिकारी बताया गया है. इस पर आयोग ने कड़ी आपत्ति जतायी है और इसे गंभीर खामी माना है.
440 अफसर पहले से निभा रहे एईआरओ की जिम्मेदारी
इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने यह भी बताया है कि सूची में शामिल 440 अधिकारी पहले से एईआरओ यानी सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. आयोग ने पूछा है कि जो अधिकारी पहले से ही एईआरओ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें माइक्रो-ऑब्जर्वर के रूप में कैसे नियुक्त किया जा सकता है.
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सीईओ पश्चिम बंगाल ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के सीईओ पश्चिम बंगाल ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है. देखना है कि राज्य सरकार इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण देती है और आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है.
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