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झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने एक बड़े नकली शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इटखोरी थाना पुलिस ने एक मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही अवैध शराब फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली अंग्रेजी शराब, स्प्रिट और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। यह गिरोह झारखंड और बिहार में सक्रिय था। यह सिंडिकेट तैयार शराब को ‘ड्राई स्टेट’ बिहार के गया, डोभी और बाराचट्टी जैसे इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचता था। चतरा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इटखोरी थाना क्षेत्र के नगवां निवासी बिनोद दांगी, मुन्ना दांगी और अभय सिंह बिहडियाटांड के घने जंगलों में स्थित एक मुर्गी फार्म में अवैध शराब बनाने का कारोबार चला रहे हैं। अवैध शराब और उसे पैक करने का सामान जब्त इस सूचना पर इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। जब पुलिस टीम मुर्गी फार्म के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बाहर से मुर्गियों का दाना दिखने वाले इस अहाते के भीतर ब्रांडेड नकली अंग्रेजी शराब बनाने का कारखाना चल रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब और उसे पैक करने का सामान जब्त किया। इसके अतिरिक्त, 25 लीटर स्प्रिट, शराब बनाने वाला काला केमिकल, नल लगा एक नीला ड्रम, 3 बोरों में लगभग 220 खाली शीशे की बोतलें, बोतलों को सील करने वाली मशीन और हजारों की संख्या में नामी कंपनियों के नकली ढक्कन व स्टीकर भी बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह स्प्रिट और केमिकल का उपयोग करके नकली शराब तैयार करता था। इसके बाद महंगी कंपनियों के नकली स्टीकर लगाकर उन्हें बिल्कुल असली जैसा रूप दे दिया जाता था। इस शराब की असली खेप बिहार भेजी जाती थी। बिहार में शराबबंदी का फायदा उठाकर ये तस्कर गया, डोभी और बाराचट्टी जैसे इलाकों में इसे बेचकर मोटी कमाई कर रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई से माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है।

