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भारत की जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण कार्य को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बिहार राज्य के सभी जिलों में मकान सूचीकरण का कार्य 02 मई से 31 मई 2026 तक कुल 30 दिनों की अवधि में संपन्न कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जनगणना अधिनियम 1948 (1948 का 37) की धारा-3 एवं धारा-17 तथा जनगणना नियम 1990 के नियम 6क और 6घ के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना संख्या का.आ. 99 (अ) दिनांक 07 जनवरी 2026 जारी की गई है। इस अधिसूचना के आलोक में पूरे देश में 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच प्रत्येक राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र द्वारा निर्धारित 30 दिनों की अवधि में मकान सूचीकरण कार्य कराया जाना है। मॉनिटरिंग एवं पर्यवेक्षण की होगी व्यापक व्यवस्था इसी क्रम में बिहार के लिए 02 मई से 31 मई की तिथि निर्धारित की गई है। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का विवरण, भवन की स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाएं तथा अन्य निर्धारित जानकारियां एकत्र करेंगे। प्रशासन द्वारा इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग एवं पर्यवेक्षण की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस बार स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। यह सुविधा घर-घर जाकर होने वाले मकान सूचीकरण कार्य के प्रारंभ से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में संचालित होगी। बिहार में स्व-गणना की अवधि 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। इच्छुक नागरिक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने मकान का विवरण दर्ज कर सकेंगे। नागरिक निर्धारित अवधि में सटीक जानकारी दें डीएम ने आमजन से अपील की कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है और इससे प्राप्त आंकड़े देश की विकास योजनाओं, संसाधन आवंटन तथा नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः सभी नागरिक निर्धारित अवधि में प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा स्व-गणना के विकल्प का भी अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि जनगणना-2027 का कार्य पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
जनगणना-2027- बिहार में 2 मई से मकान सूचीकरण शुरू:17 अप्रैल से 1 मई तक मिलेगा स्व-गणना का विकल्प,DM बोले-जनगणना राष्ट्रीय दायित्व
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