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जमुई के गिद्धौर प्रखंड की मौरा पंचायत में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। केंद्र के बंद होने के कारण पंचायत के हजारों ग्रामीण बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। बदलते मौसम में लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपस्वास्थ्य केंद्र के लगातार बंद रहने का सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में ग्रामीण चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ता है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां किसी प्रकार का स्वास्थ्य पखवाड़ा या विशेष शिविर भी आयोजित नहीं किया जाता। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कई बार लिखित शिकायतें की ग्रामीण रोहित झा, सत्यम कुमार, पूर्व पंच विमला देवी, ललन कुमार, राशिद अंसारी, फरीद अंसारी, कारू मांझी और मुकेश दुबे सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि मौरा स्वास्थ्य उपकेंद्र महीनों से बंद है और उन्होंने कभी इसका ताला खुलते नहीं देखा। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कई बार लिखित शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्वास्थ्य कर्मियों के महीनों से केंद्र बंद कर अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौरा स्वास्थ्य उपकेंद्र को तत्काल चालू कराया जाए और नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को समय पर उपचार मिल सके। विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा इस मामले में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने की शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और अनुपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि ग्रामीणों को हर हाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जमुई में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर महीनों से बंद:गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों को परेशानी; ग्रामीण चिकित्सकों के भरोसे इलाज
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