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भास्कर न्यूज|गुमला जल जीवन मिशन अंतर्गत पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति एवं लंबित कार्यों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं के विलंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित कार्यकारी एजेंसियों की कार्यशैली, कार्य में हो रहे विलंब के कारणों एवं जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं पर गहन चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी बाधाओं का त्वरित समाधान करते हुए कार्यों को अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला पंचायती राज एवं पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर बताया गया कि जिले में लगभग 2600 जलमीनार खराब हैं, जिन्हें शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। वहीं लगभग 2600 चापाकल भी खराब पाए गए, जिनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने बैठक के दौरान विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों से सीधे संवाद कर कार्यों में हो रही देरी के कारणों की जानकारी ली। समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में भूमि संबंधी समस्याओं व विद्युत आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले के किसी भी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। सभी खराब जल स्रोतों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर करते हुए आम नागरिकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन करते हुए एक सप्ताह के भीतर अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्युत व भूमि से संबंधित प्रमुख समस्याओं का अविलंब समाधान कर कार्यों में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता,पीएचइडी, विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। गुमला|जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा न केवल समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद भी जगाई जा रही है। इसका एक भावुक उदाहरण आज उस समय देखने को मिला, जब पूनम देवी अपने 13 माह के पुत्र शिवांश साहू के साथ उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित से मिलने पहुंचीं और उन्होंने भावुक होकर आभार व्यक्त किया। पूनम देवी ने बताया कि उनके पुत्र शिवांश का जन्म समय से पूर्व लगभग 6 माह में हो गया था, जिसके कारण उसके आंखों के रेटीना में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी और वह देखने में असमर्थ था। बच्चे के इलाज के लिए वे चेन्नई तक गईं, जहां काफी आर्थिक खर्च के बावजूद भी समुचित उपचार संभव नहीं हो पाया। इस स्थिति में परिवार अत्यंत निराश और परेशान था। उन्होंने बताया कि एक परिचित के सुझाव पर वे जन शिकायत निवारण दिवस में अपनी समस्या लेकर उपायुक्त से मिलीं। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पहल की और अगले ही दिन बच्चे के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। उपायुक्त के सहयोग से रांची स्थित IRIS अस्पताल में बच्चे का समुचित उपचार प्रारंभ हुआ। बच्चे के दोनों आंखों के रेटीना का पहला ऑपरेशन 14 अक्टूबर 2025 को तथा दूसरा ऑपरेशन दिसंबर माह में सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के पश्चात अब बच्चा रोशनी को पहचानने लगा है, जो परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। पूनम देवी ने बताया कि पूरे उपचार में लगभग 1.5 लाख रुपए का खर्च आया, जिसमें उपायुक्त द्वारा सहयोग मिलने से उन्हें आर्थिक चिंता नहीं करनी पड़ी।
जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों की समीक्षा एक सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
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