जामताड़ा में डीसी की बड़ी कार्रवाई, सिटी हॉस्पिटल सील:मंगलम नेत्रालय में आयुष्मान योजना में अनियमितता, FIR के निर्देश

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जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर सिटी अस्पताल को सील कर दिया गया है, जबकि मंगलम नेत्रालय के कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के गृह जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच के दौरान उजागर हुई गंभीर लापरवाही के बाद की गई है। बुधवार को उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में एक टीम ने सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में एसडीओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन ए.पी.एन. देव, अंचल अधिकारी सह बीडीओ ऑबिश्वर मुर्मू और नगर परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थियेटर, सीसीटीवी फुटेज, मरीजों के रजिस्टर, फाइलें और अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल दुकान की गहन जांच की गई। अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था जांच में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और मरीजों की जांच एक ऑप्टोमेट्रिस्ट द्वारा की जा रही थी। उपायुक्त ने रजिस्टर में दर्ज मरीजों के मोबाइल नंबरों पर सीधे फोन कर सत्यापन करने का प्रयास किया। हालांकि, अधिकांश नंबर या तो बंद मिले या राजस्थान और केरल जैसे अन्य राज्यों के पाए गए, जिससे बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का संदेह गहरा गया। मौके पर ही उपायुक्त ने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया और सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील करने का आदेश जारी किया। अस्पताल के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और रजिस्टर जब्त कर लिए गए हैं। संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फर्जीवाड़े की आशंका सामने आई इसके बाद अधिकारियों की टीम मंगलम नेत्रालय पहुंची। इस संस्थान द्वारा प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाने का दावा किया जा रहा था। रजिस्टर में जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों के कई मरीजों के नाम दर्ज थे। उपायुक्त ने जब इन मरीजों से संपर्क करने की कोशिश की, तो एक भी नंबर पर बातचीत नहीं हो सकी, जिससे यहां भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की आशंका सामने आई है। फार्मेसी का लाइसेंस भी नहीं है डीसी रवि आनंद ने बताया कि अस्पताल की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए प्रतिवेदन में एक महीने में 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन करने का दावा किया गया था। जांच में यह दावा संदिग्ध पाया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई गंभीर कमियां मिली हैं, फार्मेसी का लाइसेंस भी नहीं है और बिना फार्मासिस्ट के दवाइयां दी जा रही थी। जिला प्रशासन ने सिटी हॉस्पिटल को सील करने, संबंधित कर्मचारियों के प्रमाणपत्र रद्द करने और मंगलम नेत्रालय के कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और फर्जीवाड़े के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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