रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को झारखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य सरकार ने कुल 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शिक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था, युवाओं के प्रशिक्षण और अन्य कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। बैठक के दौरान लिए गए फैसलों से राज्य के विभिन्न वर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम फैसला मानकी-मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन को लेकर लिया गया। सरकार ने इस योजना के दायरे का विस्तार करते हुए अब उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया है। पहले यह योजना सीमित वर्ग के विद्यार्थियों तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसके विस्तार से अधिक छात्राओं को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
इसके अलावा राज्य में ड्राइविंग प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ड्राइविंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने हेतु राशि को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।
कैबिनेट ने Ranchi Women’s College में प्रस्तावित 500 बेड वाले छात्रावास के निर्माण के लिए स्थल परिवर्तन को भी मंजूरी दे दी है। पहले यह छात्रावास किसी अन्य स्थान पर प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे मोरहाबादी क्षेत्र में बनाया जाएगा। छात्रावास के निर्माण से दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
बैठक में राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी NCC के कैडेट्स को मिलने वाले नाश्ता भत्ते में भी वृद्धि करने का फैसला लिया गया। पहले कैडेट्स को नाश्ते के लिए 10 रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब 25 रुपये कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे कैडेट्स को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
कैबिनेट ने राज्य के वीआईपी और वीवीआईपी की आवाजाही के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी Red Bird Aviation को भी छह महीने की अवधि विस्तार देने की मंजूरी दी है। यह सेवा सरकारी कार्यक्रमों और आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके साथ ही एक अहम प्रशासनिक फैसले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश Kaushik Mishra की बर्खास्तगी पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी। हालांकि इस मामले के विस्तृत कारणों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है।
कैबिनेट बैठक में निम्न वर्गीय कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सहायक पद पर पदोन्नति के लिए सीमित ऑनलाइन परीक्षा नियमावली को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस फैसले से कर्मचारियों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद जताई जा रही है।




