झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल आपरेशंस में जवानों को ब़ड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी मृत्युंजय भुइयां उर्फ मिथुन को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने उसे बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। लातेहार SP कुमार गौरव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
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Jharkhand Naxali News/13.3.26 : जिसे बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने धुनाई कर दी थी, दरअसल वो लाखों का ईनामी नक्सली मृत्युंजल भुइयां निकला। पूरा मामला झारखंड के लातेहार जिले का है, जहां नक्सल अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी मृत्युंजय भुइयां, जिसे मिथुन और फ्रेस भुइयां के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार माओवादी मृत्युंजय भुइयां के पिता का नाम बाबूलाल भुइयां है और वह लातेहार जिले के नावाडीह गांव, थाना बरवाडीह का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है।
बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र का अंतिम माओवादी कमांडर
मृत्युंजय भुइयां को बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र का अंतिम सक्रिय माओवादी कमांडर माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह लंबे समय से चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा था।मृत्युंजय भुइयां पर झारखंड सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी और वह सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था।
ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ा
मामले की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुख्यात माओवादी को ग्रामीणों ने पहले बच्चा चोर समझ लिया। ग्रामीणों को उस पर संदेह हुआ, जिसके बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसकी पहचान 10 लाख के इनामी माओवादी मृत्युंजय भुइयां के रूप में हुई। इस खुलासे के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हलचल मच गई।
SP ने की गिरफ्तारी की पुष्टि
लातेहार के पुलिस अधीक्षक(SP) कुमार गौरव ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क तथा संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मृत्युंजय भुइयां की गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान के लिए बड़ी सफलता है। लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय इस माओवादी की गिरफ्तारी से संगठन को बड़ा झटका लग सकता है।




