झारखंड में अलग से बनेगा पुलिस अधिनियम, राज्य सरकार ने विधानसभा में दी है जानकारी, जानिये क्या होगा पुलिस में बदलाव

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झारखंड में जल्द ही अलग से पुलिस अधिनियम बनेगा। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने ये आश्वासन दिया है। दरअसल भाजपा विधायक राज सिन्हा और सीपी सिंह ने पुलिस अधिनियम के गठन और पुलिस विभाग में कार्यरत लिपिकों की पदोन्नति को लेकर सवाल पूछा था, जवाब में छह महीने का आश्वासन सरकार ने दिया है।
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Jharkhand Police : झारखंड में पुलिस विभाग की संरचना, लिपिकों की पदोन्नति और पृथक पुलिस अधिनियम के गठन सरकार ने अहम आश्वासन दिया है। विधानसभा में भाजपा विधायक राज सिन्हा और सीपी सिंह ने सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा। इस पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए घोषणा की कि आगामी छह माह के भीतर झारखंड में पृथक पुलिस अधिनियम का गठन कर दिया जाएगा।

सदन में भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सवाल उठाते हुए कहा कि देश में हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023—के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक और सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि झारखंड को बने 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी भी पुलिस व्यवस्था पुराने ढांचे के आधार पर संचालित हो रही है। ऐसे में राज्य के लिए अलग पुलिस अधिनियम लागू करना बेहद जरूरी है।

राज सिन्हा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पुलिस विभाग की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करना होगा। इसके लिए स्पष्ट नियम, कार्यप्रणाली और आधुनिक ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर कब तक झारखंड में अलग पुलिस अधिनियम लागू किया जाएगा।इस सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को जानकारी दी कि नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 6 जून 2024 को एक लीगल कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियमों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का प्रारूप तैयार कर रही है। मंत्री ने आगे बताया कि झारखंड पुलिस अधिनियम को अंतिम रूप देने के लिए गृह विभाग के आदेश पर एक उप-समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति राज्य की जरूरतों और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिनियम का प्रारूप तैयार कर रही है।

हालांकि मंत्री के इस जवाब से विधायक राज सिन्हा संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर लंबे समय से केवल प्रक्रिया का हवाला दे रही है और कोई स्पष्ट समय सीमा तय नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक झारखंड की पुलिस व्यवस्था आधुनिक बनेगी और अलग पुलिस अधिनियम लागू होगा।

राज सिन्हा ने सरकार से स्पष्ट समय सीमा तय करने की मांग की। इस पर सदन में कुछ देर तक चर्चा चली। आखिरकार प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में पृथक पुलिस अधिनियम के गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे अगले छह माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।सरकार के इस आश्वासन के बाद सदन में इस मुद्दे पर चर्चा शांत हुई। साथ ही मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग में कार्यरत लिपिकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों को भी जल्द सुलझाया जाएगा।

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