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झारखंड विधानसभा बजट सत्र का शुक्रवार को 13वां दिन है। सत्र के शुरू होने से पहले सत्ता पक्ष ने विधानसभा के मुख्य द्वारा पर एलपीजी किल्लत को लेकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है देश में रसोई गैस की किल्लत को खत्म करना होगा और गैस उपलब्ध कराना होगा। सत्ता पक्ष के विधायक रसोई गैस किल्लत के विरोध में बैनर और पोस्टर के साथ विधानसभा पहुंचे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा- आज हालात यह हैं कि सिर्फ दाम ही नहीं बढ़े हैं, बल्कि गैस की आपूर्ति भी पूरी तरह ठप है। लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जल रहे है और केंद्र में बैठी मोदी सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है। आम जनता की इसी पीड़ा और आक्रोश को आवाज़ देने के लिए यह विरोध दर्ज किया गया। सदन के अंदर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा-झारखंड में भी पेट्रोल-डीजल, गैस की किल्लत है। एलपीजी की किल्लत की वजह से मंदिरों में भोग बंद है, स्कूलों में मीड डे मिल बंद है। गैस की किल्लत इन्हें नहीं दिख रही है। प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने घुटने टेका है। इसका संदेश प्रधानमंत्री के पास जाना चाहिए। कांग्रेस अराजकता की स्थिति पैदा कर रही: नेता प्रतिपक्ष वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा- सत्ता पक्ष रिक्शा से आ रहे हैं। ये लोगों को पैदल आना चाहिए। यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। जब कोई कमी नहीं है तब ये लोग ऐसा कर रहे हैं। अराजकता की स्थिति पैदा कर रहे हैं। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा- रुपए का वेल्यू गिरते जा रहा है। किसानों को आने वाले दिनों में यूरिया की काफी दिक्कत होने वाली है। नेचुरल गैस की भी कमी होने वाली है और ये कहते हैं कि कांग्रेस अराजकता फैला रही है। अपनी विफलता का ठिकरा कांग्रेस पर ना फोड़ा जाए।
दिव्यांग और वृद्धों को भी मिले 25 सौ रुपए: नीरा यादव
कोडरमा विधायक नीरा यादव ने कहा-दिव्यांग और वृद्धों को एक हजार रुपए देते हैं। उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर रहे हैं। इन पर ध्यान देने की जरूरत है। इन्हें 25 सौ रुपए दीजिए। उन्होंने कहा- सत्ता पक्ष को दिल्ली फोबिया हो गया है। पहले वृद्धा पेंशन 600 रुपए मिलता था। हमारी सरकार आई तो 1 हजार रुपए किया। धान खरीद का समय बढ़ा सकती है सरकार वहीं, गुरुवार को खाद्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार हर प्रखंड में धान के लिए गोदाम बनवाएगी। टेंडर जारी कर दिया गया है। इस साल अब तक लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक धान की खरीदारी हो चुकी है। 31 मार्च तक अधिक से अधिक धान की खरीदारी होगी। जरूरत पड़ी तो धान खरीद का समय भी बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि पैक्स में बड़ी संख्या में किसान धान बेचने के लिए आ रहे हैं। राज्य में 831 धान खरीद केंद्र हैं। जहां पैक्स नहीं है, वहां खोला जाएगा। वे गुरुवार को विधानसभा में भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी के सवाल का जवाब दे रहे थे। अरूप ने किसानों के शत प्रतिशत धान खरीद का मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि कई जगह पैक्स चालू ही नहीं है तो किसान धान कहां बेचेंगे। इसलिए हर प्रखंड में छह पैक्स होना चाहिए।




