झारखंड सरकार बार, होटल और रेस्टोरेंट में शराब परोसने से जुड़ी नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। संशोधन के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और संभावना है कि 1 अप्रैल से राज्य में इसी नियमावली के तहत संचालन शुरू हो जाएगा।
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रांची/7.3.26। राज्य में बार, होटल, रेस्टोरेंट और क्लब में शराब परोसने की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नई नियमावली तैयार की जा रही है। Jharkhand Excise and Prohibition Department द्वारा तैयार की गई झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026 को जल्द ही संशोधन के साथ राज्य कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो राज्य में 1 अप्रैल 2026 से बार, होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों का संचालन इसी नई नियमावली के तहत किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और अंतिम चरण में नियमावली में प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा की जा रही है।
दरअसल, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 7 फरवरी को इस नई नियमावली का प्रारूप सार्वजनिक किया था। इसे आम जनता, होटल और बार संचालकों के साथ-साथ रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों के लिए जारी किया गया था, ताकि वे इस पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकें। विभाग ने इस प्रारूप पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 20 फरवरी तक का समय निर्धारित किया था।
इस अवधि के दौरान कई बार संचालकों, होटल व्यवसायियों और व्यापारिक संगठनों की ओर से विभिन्न आपत्तियां और सुझाव विभाग को प्राप्त हुए हैं। अब विभाग इन सभी सुझावों और आपत्तियों की विस्तार से समीक्षा कर रहा है। समीक्षा पूरी होने के बाद आवश्यक संशोधन कर नियमावली को कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
नई नियमावली में क्या हैं प्रमुख प्रावधान
प्रस्तावित नियमावली के अनुसार राज्य के पांच सितारा होटलों को विशेष सुविधा दी गई है। इसके तहत 5-स्टार होटलों में सुबह चार बजे तक शराब परोसने की अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है। वहीं अन्य श्रेणी के बार और रेस्टोरेंट के लिए अलग-अलग जिलों के आधार पर समय निर्धारित किया जाएगा।
इसके अलावा बार संचालन के लिए लाइसेंस शुल्क, सुरक्षा जमानत राशि और अन्य शुल्कों का भी अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर निर्धारण किया गया है। सरकार का उद्देश्य इस नियमावली के जरिए राज्य में शराब परोसने और बार संचालन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
व्यवसायियों ने जताई आपत्ति
हालांकि इस प्रस्तावित नियमावली पर बार और रेस्टोरेंट संचालकों की ओर से कुछ आपत्तियां भी सामने आई हैं। व्यवसायियों ने विशेष रूप से लाइसेंस शुल्क और जमानत राशि में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इससे छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
इसके अलावा व्यापारिक संगठनों ने नियमावली में वैट को शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि जब पहले से ही देश में जीएसटी व्यवस्था लागू है, तो उसके ऊपर वैट लगाने से दोहरा कर लग जाएगा। इससे शराब की कीमतों में वृद्धि होने की आशंका है, जिसका असर ग्राहकों और पर्यटन उद्योग दोनों पर पड़ सकता है।




