रांची के सेल अधिकारी अतुल उरांव और उनकी नवविवाहिता पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा शादी के बाद हनीमून मनाने दुबई गए थे, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण उड़ानें रद्द हो जाने से वे वहीं फंस गए हैं। रांची में परिवारों ने झारखंड सरकार से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
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रांची/6.3.26। झारखंड के एक नवविवाहित जोड़े की चिंता बढ़ी हुई है। शादी के बाद हनीमून पर दुबई गये दुल्हा-दुल्हन युद्ध के तनाव के बीच फंस गये हैं। Steel Authority of India Limited (सेल) के अधिकारी अतुल उरांव और उनकी नवविवाहिता पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा के लिए शादी के बाद की पहली यात्रा अनिश्चितता में बदल गई है।22 फरवरी 2026 को रांची में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ था।
परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में यह समारोह बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शादी के बाद दोनों ने जीवन की नई शुरुआत को खास बनाने के लिए 27 फरवरी को दुबई हनीमून मनाने का फैसला किया। उनकी वापसी 4 मार्च को निर्धारित थी।हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में अचानक बढ़े सैन्य तनाव ने उनकी योजनाओं को प्रभावित कर दिया।
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर संयुक्त अरब अमीरात समेत आसपास के क्षेत्रों में भी दिखने लगा। एहतियातन Dubai International Airport से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसके चलते हजारों यात्री वहां फंस गए।इसी स्थिति में रांची का यह नवदंपति भी दुबई में ठहरने को मजबूर है। जिस यात्रा को वे अपने जीवन की सबसे खूबसूरत स्मृति बनाना चाहते थे, वह अब चिंता, प्रतीक्षा और अनिश्चितता में बदल गई है।
अतुल उरांव ने फोन पर बातचीत में बताया कि वे इस खास मौके को यादगार बनाने दुबई आए थे, लेकिन अचानक हालात बदल गए। उन्होंने कहा कि उड़ानों के रद्द होने की खबर मिलते ही चिंता बढ़ गई। “हम सुरक्षित हैं, लेकिन कब वापसी होगी, यह स्पष्ट नहीं है,” उन्होंने कहा।
डॉ. कंचन बाड़ा ने बताया कि मौजूदा माहौल सामान्य नहीं लग रहा है। कई सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा है और लोगों की आवाजाही सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि हर नई अंतरराष्ट्रीय खबर के साथ बेचैनी बढ़ जाती है।इधर रांची में दोनों परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है। शादी की खुशियों से गूंजता घर अब प्रार्थनाओं और इंतजार में डूबा हुआ है।
परिजन लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।परिवार ने झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि केंद्र सरकार और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय कर न केवल इस नवदंपति, बल्कि खाड़ी देशों में फंसे अन्य झारखंडियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।परिजनों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की चिंता नहीं, बल्कि उन सभी भारतीयों की सुरक्षा का सवाल है जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण विदेश में फंसे हुए हैं।




