स्कूल में अश्लील डांस मामले में शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन हुआ है। हेडमास्टर को जहां शिक्षा विभाग ने सस्पेड कर दिया है, तो वहीं दो शिक्षकों को बर्खास्त करने की अनुशंसा भेजी गयी है। आरोप है कि फेयरवेल पार्टी में स्कूल की छात्राओं के साथ हेडमास्टर और शिक्षकों ने अश्लील डांस किया था। वीडियो सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है।
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School News /5.3.26: स्कूल में हुई फेयरवेल पार्टी में अश्लीलता की सारी सीमां लांघ दी गयी। स्कूल में फूहड़ भोजपुरी गाने पर छात्राओं के साथ हेडमास्टर व शिक्षकों ने अश्लील डांस किया। डांस का VIDEO VIRAL होने के बाद हंगामा मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो पर एक्शन लेते हुए हेडमास्टर को जहां तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, तो वहीं दो शिक्षकों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामला गढ़वा जिले के मेराल अंचल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहबरिया की है। स्कूल की विदाई समारोह के दौरान कथित रूप से अशोभनीय गीत बजाने और शिक्षकों द्वारा छात्राओं के साथ नृत्य करने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है तथा दो सहायक शिक्षकों की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
झारखंड के Garhwa जिले में विद्यालयी अनुशासन को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। मेराल अंचल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहबरिया में आयोजित आठवीं कक्षा के विदाई समारोह के दौरान कथित अनुशासनहीनता के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने सख्त कदम उठाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में डीजे साउंड सिस्टम पर अशोभनीय एवं अश्लील गीत बजाए जाने का आरोप है। वीडियो में यह भी दिखाया गया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक और कुछ शिक्षक छात्राओं के साथ नृत्य कर रहे थे। यह घटना विद्यालय की गरिमा, शैक्षणिक वातावरण और शिक्षक की मर्यादा के विपरीत मानी गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए झारखंड सरकारी सेवक नियमावली, 2016 के तहत प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गढ़वा निर्धारित किया गया है। साथ ही राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार उन्हें निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सहायक शिक्षक पुरुषोत्तम पंडित और सुबेश्वर राम के आचरण को भी गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है। झारखंड सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली, 2021 के तहत दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित प्राधिकारियों को दो दिनों के भीतर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना, गढ़वा को उपलब्ध कराने तथा उसकी प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भेजने का आदेश दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन, नैतिकता और शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षक की गरिमा के प्रतिकूल आचरण या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में सख्ती का संदेश गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा जारी है।




