झारखंड विधानसभा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में हो रही असमानता का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। सरायकेला-खरसावां से विधायक दशरथ गागराई ने सरकार से इस संबंध में जवाब मांगते हुए कहा कि विसंगति दूर करने के लिए गठित समिति के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
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रांची/14.3.26। विधानसभा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में हो रही विसंगति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सरायकेला-खरसावां विधानसभा क्षेत्र से विधायक दशरथ गागराई ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से इस विषय को सदन में रखा और सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि एनएचएम के अंतर्गत कार्य कर रहे हजारों कर्मचारी लंबे समय से मानदेय में असमानता की समस्या से जूझ रहे हैं।
हालांकि अब तक सरकार की ओर से इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।विधायक दशरथ गागराई ने सदन में कहा कि झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। ये कर्मचारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बावजूद इसके, उनके मानदेय में भारी विसंगतियां बनी हुई हैं, जिससे उनमें असंतोष का माहौल है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए पहले अभियान निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य एनएचएम कर्मियों की शिकायतों की जांच करना और मानदेय से संबंधित विसंगतियों को दूर करने के लिए सुझाव देना था।हालांकि, समिति के गठन के काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
विधायक ने कहा कि इससे कर्मचारियों के बीच निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि एनएचएम कर्मियों की समस्याओं का समाधान हो सके। विधानसभा में पूछे गए इस सवाल के जवाब में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से लिखित उत्तर प्रस्तुत किया गया।
विभाग की ओर से बताया गया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक नई एचआर पॉलिसी तैयार की जा रही है। इस पॉलिसी के माध्यम से मानव संसाधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है।सरकार के अनुसार, नई एचआर पॉलिसी में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
इसमें अवकाश की व्यवस्था, शिकायत निवारण तंत्र (ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) और मानदेय में हो रही विसंगतियों के समाधान से जुड़े नियमों को भी शामिल किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि फिलहाल यह एचआर पॉलिसी प्रक्रिया में है और इसे अंतिम रूप देने का काम जारी है।स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जब यह एचआर पॉलिसी पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब इसे भारत सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही इसमें शामिल नियमों को लागू किया जाएगा। इसके बाद एनएचएम कर्मियों की मांगों और शिकायतों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।सरकार का कहना है कि एचआर पॉलिसी के लागू होने के बाद एनएचएम कर्मियों के मानदेय से जुड़ी विसंगतियों सहित कई अन्य समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। फिलहाल कर्मचारी और जनप्रतिनिधि इस प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हजारों कर्मियों को राहत मिल सके।




