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जमशेदपुर में यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के विरोध में टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जमशेदपुर पश्चिम से जदयू विधायक सरयू राय की पहल पर आयोजित इस धरने में मारवाड़ी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि टाटानगर स्टेशन से गुजरने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनें अक्सर देरी से चलती हैं। इससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है, खासकर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनें चक्रधरपुर मंडल में प्रवेश करते ही धीमी हो जाती है: सरयू राय इस अवसर पर विधायक सरयू राय ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जैसे ही ट्रेनें चक्रधरपुर मंडल में प्रवेश करती हैं, उनकी गति धीमी हो जाती है और वे लेट होने लगती हैं। राय ने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों के संचालन और प्रबंधन में गंभीर खामियां हैं, जिन्हें तत्काल सुधारने की आवश्यकता है। स्थिति में सुधार नहीं, तो आंदोलन को व्यापक रूप देने की चेतावनी सरयू राय ने चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने अधिकारियों से यात्रियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने और समयबद्ध ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने में शामिल सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी एक स्वर में रेलवे से ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था को दुरुस्त करने और यात्रियों को हो रही परेशानियों से राहत दिलाने की मांग की। यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इसने रेलवे प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनता का आक्रोश बढ़ सकता है। यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
चक्रधरपुर रेल मंडल में इन दिनों ट्रेनों की समयबद्धता पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। हालात ऐसे हैं कि देरी अब अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति बन गई है। सोमवार को भी हालात चिंताजनक रहे। आरा से दुर्ग जाने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस करीब 7 घंटे की देरी से मंडल में पहुंची। वहीं, राजधानी और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी 3 घंटे से अधिक लेट रहीं। अधिकांश यात्री ट्रेनें 3 से 10 घंटे तक विलंब से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटी दूरी की यात्रा भी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में ही घंटों लग जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे यात्रियों के चेहरों पर गुस्सा, बेबसी और थकान साफ देखी जा सकती है।

