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भास्कर न्यूज | डंडई प्रखंड में आज तक एक भी डिग्री कॉलेज स्थापित नहीं होने के कारण यहां के छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई तो किसी तरह स्थानीय स्कूलों में पूरी हो जाती है, लेकिन उसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को 25 से 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर है वे अपने बच्चों को शहर भेजकर पढ़ाई करवा लेते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह संभव नहीं हो पाता। नतीजतन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट के बाद ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं और रोजी-रोटी की तलाश में लग जाते हैं। प्रखंड में फिलहाल 3 प्लस-टू उच्च विद्यालय संचालित हैं। डंडई से हर वर्ष एक हजार छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट पास करते हैं। अभिभावकों ने चिंता व्यक्त किया : स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि सरकार देशभर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है । ग्रामीण दिलबर कुमार रवि, विवेकानंद कुशवाहा, अंजू देवी, अशोक चंद्रवंशी, श्याम नाथ प्रजापति, विनोद प्रजापति और सत्येंद्र प्रसाद गुप्ता सहित अन्य अभिभावकों ने कहा कि यदि प्रखंड में ही डिग्री कॉलेज स्थापित हो जाए तो गरीब परिवारों के बच्चों को भी स्नातक की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। छात्राओं की मांग डंडई में जल्द खुले डिग्री कॉलेज : प्रखंड की छात्राएं अंशु कुमारी, चंदा कुमारी, रीना कुमारी, शिवानी कुमारी, राधिका कुमारी और अर्चना कुमारी ने कहा कि डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण गरीब परिवारों के विद्यार्थियों के सामने स्नातक की पढ़ाई एक बड़ी समस्या बन गई है। वे अपने बच्चों को शहर भेजकर पढ़ाई करवा लेते हैं, लेकिन गरीब छात्रों के लिए यह संभव नहीं होता।
डंडई में नहीं है डिग्री कॉलेज, स्नातक की पढ़ाई के लिए बढ़ रही परेशानी
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