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दरभंगा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। डीएमसीएच परिसर में आयोजित कार्यशाला में प्रखंड और जिला स्तर के कुल 207 जीविका परियोजना कर्मियों ने भाग लिया। शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी, शांतनु ठाकुर, ब्रजकिशोर गुप्ता, राजा सागर, रिसोर्स पर्सन पन्नालाल और राजेश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र के दौरान अतिथियों ने जीविका निधि की उपयोगिता और इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जीविका निधि के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे वे छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, सिलाई, दुकान, उत्पादन इकाइयों और सेवा क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। इससे महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी। कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध ब्रजकिशोर गुप्ता ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सरल, पारदर्शी और कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। इस दौरान प्रतिभागियों को जीविका निधि की संरचना, सदस्यता प्रक्रिया, ऋण स्वीकृति प्रणाली, पात्रता मानदंड, भुगतान व्यवस्था एवं निगरानी प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में ‘जीविका निधि मोबाइल एप’ के माध्यम से ऋण आवेदन, स्वीकृति, वितरण एवं वसूली की डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने लाइव डेमो के जरिए एप के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई। संचार प्रबंधक राजा सागर ने इसे माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में सशक्त कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई महिलाएं उच्च ब्याज दर पर ऋण लेने को मजबूर होती हैं, जिससे वे ऋण चक्र में फंस जाती हैं। जीविका निधि इस समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से सुरक्षित, पारदर्शी और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है। 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सूक्ष्म वित्त प्रबंधक सुबीर झा ने बताया कि सभी ऋणों पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू होगी। 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के सक्रिय समूह सदस्यों को लोकओएस के माध्यम से सत्यापन के बाद ऋण दिया जाएगा। एनपीए खाते वाले सदस्य एवं सरकारी कर्मचारी इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे। प्राकृतिक आपदा या विशेष परिस्थितियों में ऋण पुनर्गठन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अल्पकालिक ऋण- 15,000 रुपए तक (12 माह) सूक्ष्म ऋण- 15,000 से 75,000 रुपए तक (24 माह) लघु ऋण- 75,000 से 2,00,000 रुपए तक (36 माह) रिसोर्स पर्सन पन्नालाल और राजेश ने जीविका निधि के संचालन, नियमों, जोखिम प्रबंधन एवं पारदर्शिता प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। कर्मियों से क्षेत्र स्तर पर महिलाओं को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। कार्यशाला में जिला स्तर के सभी प्रबंधक, सभी प्रखंडों के बीपीएम, क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक, कार्यालय सहायक, लेखपाल और कर्मचारी मौजूद रहे।
डीएमसीएच में जीविका निधि ऋण नीति पर कार्यशाला:270 कर्मियों को दी गई ट्रेनिंग, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
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