तीन बार नियमावली बदली, अभी भी संशोधन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग में लंबित

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भास्कर न्यूज | गढ़वा दस वर्षों से झारखंड शिक्षा पात्रता परीक्षा (जेटेट) का आयोजन नहीं किया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस संबंध में बताया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रतिवर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा होनी है। राज्य में वर्ष 2011 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावी है। ऐसे में अब तक 15 शिक्षक पात्रता परीक्षा हो जानी चाहिए थी। पर मात्र दो ही परीक्षा हुई है। राज्य में पहली शिक्षक पात्रता परीक्षा 2013 में तथा दूसरी परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थी किसी भी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। प्राथमिक व मध्य विद्यालय में शिक्षक नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी निजी विद्यालय में शिक्षक नहीं बन पा रहे हैं। राज्य में भले ही दस वर्ष से जे टेट की परीक्षा नहीं हुई है। पर इस दौरान नियमावली में तीन संशोधन किया गया है।लेकिन अभी तक जे टेट परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी शिक्षकों को जे टेट परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। लेकिन जब परीक्षा ही आयोजित नहीं होगी तो शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कैसे करेंगे। 2024 में परीक्षा के लिए भरवाया गया था आवेदन : वर्ष 2024 के जुलाई माह में जे टेट परीक्षा को लेकर आवेदन भरवाया गया था। लेकिन परीक्षा को लेकर जारी सिलेबस का विरोध के बाद इसमें बदलाव का निर्णय लिया गया। वहीं कुछ दिनों के बाद उक्त परीक्षा को रद्द कर दी गई थी। वहीं अभी तक जे टेट परीक्षा को लेकर अधिसूचना जारी नहीं की गई है। पहली नियमावली वर्ष 2012 में बनाई गई थी। जिसके आधार पर वर्ष 2013 और वर्ष 2016 में परीक्षा हुई। इसके बाद नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्ष 2019 में नियमावली में संशोधन को कैबिनेट से स्वीकृति मिली। विभाग द्वारा परीक्षा लेने के लिए जैक को प्रस्ताव भेजा गया। जैक ने परीक्षा के विभिन्न विषयों में अंकों में एकरूपता नहीं होने की बात कह शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद वर्ष 2022 में नियमावली को संशोधित किया गया। परीक्षा के लिए फिर जैक को प्रस्ताव भेजा गया। हालांकि नियमावली में फिर भी विसंगति रह गई। जिसकी वजह से जैक ने फिर मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद नियमावली में फिर बदलाव किया गया। इसके बाद फिर नियमावली में बदलाव हुआ। इसके बाद में इसमें भी विसंगति रह गई और फिर संशोधन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग स्तर पर लंबित है। परीक्षा नहीं होने के विरोध में निकाला मशाल जुलूस जे टेट परीक्षा आयोजित नहीं होने के विरोध में झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ गढ़वा के बैनर तले मशाल जुलूस निकाली गई। मशाल जुलूस चिनियां मोड़ से रंका मोड़ तक निकाली गई। विपिन कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में निकाली गई जुलूस में छात्रों ने कहा कि सरकार ने पहले जे टेट का नोटिफिकेशन जारी कर छात्रों से फॉर्म भरवाया। जिससे अच्छा-खासा राजस्व भी प्राप्त हुआ। लेकिन इसके बावजूद परीक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से अविलंब जे टेट नियमावली को कैबिनेट से पारित कर जल्द परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 16 मार्च को झारखंड के 24 जिलों के अभ्यर्थी रांची पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। लेकिन यदि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर वीरेंद्र प्रसाद, नईमुद्दीन अंसारी, दिलीप पाल, नंदलाल कुमार, मंगलेश कुमार, वेद प्रकाश शर्मा, गोपाल कुमार, संजय यादव आदि उपस्थित थे।

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