दरभंगा पहुंचे TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा:नीट छात्रा से रेप-मौत पर कहा- बहुत शर्मनाक घटना है, राजनीति पर कोई चर्चा नहीं करूंगा

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टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को दरभंगा पहुचे। मिथिलांचल की धरती पर उनका भव्य स्वागत किया गया। पूर्व सांसद अली अशरफ फातमी, डॉ. फराज फातमी ने मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर, फूल-माला और गुलदस्ता देकर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद निजी स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल हुए। नीट छात्रा से रेप-मौत पर कहा कि चाहे बिहार हो या देश के किसी भी हिस्से में, ऐसी घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसे अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रोकथाम के प्रभावी उपाय होने चाहिए। राजनीति पर कोई चर्चा नहीं सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के संभावित राजनीतिक एंट्री के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि मैं शादी की घड़ी में बर्बादी की बात नहीं करता और बर्बादी की घड़ी में आबादी की बात नहीं करता। आज स्कूल का कार्यक्रम है, राजनीति की चर्चा नहीं करूंगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में ‘बिहार बंधन’ और स्केटिंग रिंग का उद्घाटन किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
आत्मविश्वास और जुनून ही आपको आगे बढ़ाता है अपने संबोधन में टीएमसी सांसद ने कहा कि पहली बार दरभंगा में किसी निजी विद्यालय के कार्यक्रम में आए हैं। पूरे बिहार में यह दूसरा अवसर है जब वे किसी स्कूल फंक्शन में शामिल हुए हैं। जीवन में आत्मविश्वास का होना सबसे जरूरी है। आपके अंदर यह विश्वास होना चाहिए कि मैं कर सकता हूं। चाहे इंजीनियरिंग हो, मेडिकल, एक्टिंग, संगीत या पॉलिटिक्स आत्मविश्वास और जुनून ही आपको आगे बढ़ाता है। प्रेम का भी एक जुनून होता है छात्रों से कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए चार बातें जरूरी हैं। कमिटमेंट, समर्पण, आत्मविश्वास और जुनून। वैलेंटाइन डे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेम का भी एक जुनून होता है, लेकिन उन्हें इस दिन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अभिभावकों को खास संदेश शत्रुघ्न सिन्हा ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वो अपने सपने बच्चों पर न थोपें। जिस क्षेत्र में बच्चे की रुचि है, उसे वही करने दें। अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके तीनों भाई राम सिंह, लखन सिंह और भरत सिंह डॉक्टर हैं, जबकि वे खुद कंपाउंडर बनने लायक भी नहीं थे। 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीता पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि आसनसोल संसदीय सीट से उपचुनाव लड़ने का मौका मिला। इससे पहले वहां कभी नहीं गए थे। सिर्फ 15 दिनों के प्रचार के बावजूद उन्होंने लगभग तीन लाख वोटों से जीत दर्ज की। अंत में गूंजा मशहूर डायलॉग…खामोश। इसके बाद पूरा स्कूल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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