
चील की वजह से झारखंड के धनबाद जिले में शादी टूट गयी। लड़की वालों से इसे अपशकुन मानते हुए शादी को रद्द कर दिया। ये घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरा मामला इतना अजीबोगरीब है कि सुनकर लोग भी हैरान हैं…
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धनबाद/18.3.26। क्या कभी कोई चील भी शादी तोड़वा सरता है? ये सिर्फ एक सवाल नहीं, बल्कि एक सच्चाई है। झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड का ये पूरा मामला है, जहां शादी फिक्स करने आये दुल्हन पक्ष के मेहमान पर चील ने झपट्टा मार दिया। दुल्हन का परिवार से इसे अपशकुन मान बैठा और फिर शादी को रद्द कर दिया। यह घटना इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार दक्षिणी टुंडी के एक गांव में वर्षों से एक पुराने पीपल के पेड़ पर चीलों का बसेरा है। गांव के लोग इस पेड़ और वहां रहने वाली चीलों के साथ लंबे समय से परिचित हैं। आम तौर पर ये चीलें किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती थीं, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार आक्रामक हो गया है।
बंदरों के कारण आक्रामक हुई चील
ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में गांव में बंदरों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। बंदरों के झुंड अक्सर उस पीपल के पेड़ पर चढ़ जाते हैं और चीलों के घोंसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार बंदर घोंसलों को तोड़ देते हैं या उनमें रखे अंडों को गिरा देते हैं।इस वजह से चीलें काफी आक्रामक हो गई हैं और अपने घोंसलों की रक्षा के लिए आसपास आने-जाने वाले लोगों पर भी झपट पड़ती हैं। गांव में कई लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं।
शादी की रस्म से पहले हुआ हमला
इसी गांव के एक युवक की शादी जामताड़ा जिले में तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच बातचीत पूरी हो चुकी थी और रिश्ता लगभग पक्का माना जा रहा था। दुल्हन पक्ष के कुछ लोग दूल्हे के घर पहुंचकर शादी की औपचारिक मुहर लगाने वाले थे।बताया जा रहा है कि जब दोनों परिवारों के लोग घर के पिछवाड़े की ओर गए, तभी अचानक ऊपर से एक चील ने झपट्टा मार दिया। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोग घबरा गए। किसी को हल्की खरोंच आई तो कुछ लोग डर के कारण तुरंत वहां से हट गए।
अपशकुन मानकर तोड़ दिया रिश्ता
घटना के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसे अपशकुन मान लिया। धीरे-धीरे इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई और माहौल ऐसा बन गया कि दोनों परिवारों के बीच तय हो रहा रिश्ता टूट गया।हालांकि गांव के कुछ लोग इसे महज एक संयोग मान रहे हैं, लेकिन कई लोग इसे अशुभ संकेत के रूप में देख रहे हैं। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों के बीच चील की आक्रामकता को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी को गंभीर चोट भी लग सकती है।ग्रामीणों ने वन विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि चीलों के आक्रामक व्यवहार से लोगों को राहत मिल सके। हालांकि वन विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि जंगली पक्षियों के व्यवहार में सीधे हस्तक्षेप करना हमेशा संभव नहीं होता।




