‘नए FTA भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को…’, केंद्र सरकार ने लोकसभा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर क्या दी जानकारी?

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केंद्र सरकार ने मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को संसद के निचले सदन लोकसभा में भारत के नए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के उद्देश्य और उससे होने वाले फायदे को लेकर जानकारी दी है. सरकार ने लोकसभा में कहा कि भारत नए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर लगातार काम कर रहा है.

सरकार का कहना है कि इन समझौतों का उद्देश्य भारत के निर्यात को बढ़ाना, भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाना, सेवाओं के क्षेत्र में अवसर खोलना और निवेश को बढ़ावा देना है. इन FTA के जरिए उद्योगों, किसानों और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया है.

किन देशों के साथ भारत ने पूरा किया फ्री ट्रेड समझौता

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में भारत ने यूनाइटेड किंगडम (UK), ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है. इसके अलावा, हाल के सालों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के साथ भी अहम व्यापार समझौते लागू किए गए हैं. इन समझौतों के जरिए भारतीय निर्यातकों को कई देशों में शुल्क में छूट और प्राथमिक बाजार पहुंच मिली है.

किन-किन सेक्टरों को सरकार देती है प्राथमिकता?

सरकार ने संसद को बताया कि सभी FTA भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं. इसके लिए बातचीत के हर चरण में उद्योग जगत और संबंधित सेक्टरों से सलाह ली जाती है. सरकार ने यह भी कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, मरीन प्रोडक्ट्स और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे क्षेत्रों की अलग-अलग समीक्षा की जाती है, ताकि इन सेक्टरों को FTA का सीधा लाभ मिल सके. इसके अलावा, यह भी साफ किया कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करते समय कृषि, डेयरी और MSME जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है.

इसके लिए समझौतों में सेंसिटिव और नेगेटिव लिस्ट रखी जाती है, जिन पर सीमित या कोई टैरिफ छूट नहीं दी जाती. इसके अलावा, अगर आयात में अचानक बढ़ोतरी से घरेलू उद्योग को नुकसान होता है, तो एंटी-डंपिंग और सेफगार्ड जैसे उपाय अपनाने का प्रावधान भी मौजूद है.

जमीनी स्तर तक FTA का फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा काम

सरकार ने यह भी बताया कि FTA का फायदा जमीनी स्तर तक पहुंचे, इसके लिए निर्यातकों को जागरूक करने पर लगातार काम किया जा रहा है. इसके तहत उद्योग संगठनों, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, शैक्षणिक संस्थानों और भारतीय मिशनों के साथ मिलकर आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन कार्यक्रमों में टैरिफ छूट, रूल्स ऑफ ओरिजिन, सर्टिफिकेशन प्रक्रिया और अनुपालन से जुड़ी जानकारी दी जाती है.

नए FTA विदेशी निवेश को करेंगे आकर्षित- सरकार

सरकार का दावा है कि नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को मजबूत करेंगे, विदेशी निवेश को आकर्षित करेंगे और भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ने में मदद करेंगे. संसद में बताया गया कि EFTA जैसे समझौतों के तहत भारत को लगभग सभी निर्यात उत्पादों पर प्राथमिक पहुंच मिली है और लंबे समय में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ेंः ‘राहुल गांधी ने चीन के साथ FTA कर किया था पाप, PM मोदी ने बचाया’, ट्रेड डील पर बोलते वक्त कांग्रेस पर बरसे पीयूष गोयल



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