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साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के प्रभाव से झारखंड का मौसम पांच अप्रैल तक बदला रहेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार को धनबाद, बोकारो, पाकुड़, दुमका और जामताड़ा जिलों में वज्रपात की आशंका जताई गई है। 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, खूंटी समेत कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है, जिसके मद्देनजर यलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार एक अप्रैल को लगभग सभी जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और दक्षिण व मध्य भागों में गर्जन की संभावना है। दो और तीन अप्रैल को भी दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में तेज हवा और वज्रपात के साथ हल्की बारिश हो सकती है। चार और पांच अप्रैल को भी आंशिक बादल के साथ बारिश के आसार बने रहेंगे। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। एक अप्रैल से तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट संभव है, जबकि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सोमवार को मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रांची में यह 34.6 डिग्री रहा। विजिबिलिटी घटने से जनजीवन प्रभावित राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली। सुबह करीब 6:45 बजे घना कोहरा छा जाने से सड़क पर चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान विजिबिलिटी घटकर करीब 150 मीटर रह गयी थी, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई थी। लगभग डेढ़ घंटे तक कई इलाकों में कोहरा और धुंध का असर बना रहा। इस बीच हल्की बारिश भी दर्ज की गयी, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम बदलने रिम्स ओपीडी में बढ़े मरीज मौसम के बदलते मिजाज और शुरुआती गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर रिम्स की ओपीडी में साफ दिख रहा है, जहां मरीजों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। मेडिसिन, शिशु रोग और त्वचा विभाग में सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है, जबकि न्यूरोलॉजी में भी मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण और शरीर दर्द के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। साथ ही डायरिया, उल्टी, फूड प्वाइजनिंग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज भी बढ़े हैं। दूषित पानी, बाहर का भोजन और अनियमित खानपान इसकी मुख्य वजह है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर रूप ले रही है, जिसको लेकर डॉक्टरों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
