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पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में एक दुर्लभ वन्यजीव ‘स्मॉल इंडियन सिवेट’ (कस्तूरी बिल्ली) रिहायशी इलाके में देखी गई। दिनदहाड़े गांव की गलियों और घरों के पास घूमते इस जीव को देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे सुरक्षित रेस्क्यू किया। स्थानीय भाषा में ‘कबर’ या ‘कस्तूरी बिल्ली’ के नाम से पहचानी जाने वाली यह सिवेट काफी देर तक गांव की सड़कों और घरों के आसपास घूमती रही। इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। आबादी वाले क्षेत्र में इस वन्यजीव की उपस्थिति से लोगों में कौतूहल बना रहा। अब कम ही देखने को मिलती है कस्तूरी बिल्ली ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम के सदस्य अशरफुल शेख तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत करते हुए कुशलतापूर्वक इस दुर्लभ वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू किया। अशरफुल शेख ने बताया कि यह एक ‘स्मॉल इंडियन सिवेट’ है, जो अब कम ही देखने को मिलती है। वन विभाग अब इसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ने की तैयारी कर रहा है। 2 से 5 किलोग्राम के बीच होता है वजन स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिवेट रात में अधिक सक्रिय रहती है और आमतौर पर नदी के किनारे, कब्रिस्तान या श्मशान जैसे स्थानों पर रहना पसंद करती है। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से वन्यजीव को सुरक्षित बचाया जा सका। इसकी लंबाई लगभग 50-70 सेमी होती है और इसकी पूंछ 40-55 सेमी लंबी होती है। इसका वजन आमतौर पर 2 से 5 किलोग्राम के बीच होता है। इसके शरीर पर भूरे या पीले रंग के फर पर काले धब्बे होते हैं और इसकी लंबी पूंछ पर काले और सफेद छल्ले बने होते हैं।

