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भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने पीएम किसान योजना के तहत किसानों के खातों से अवैध निकासी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 6.33 लाख रुपये कैश सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। भागलपुर के सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। सिटी एसपी ने बताया कि यह गिरोह तकनीकी माध्यम से किसानों का डेटा जुटाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोलकर पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की राशि अवैध रूप से निकाल लेता था। जांच में सामने आया कि गिरोह विशेष रूप से उन किसानों को निशाना बनाता था, जिनका केवाईसी लंबित था। पीड़ित ने गलत तरीके से पैसे निकालने की शिकायत की इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 फरवरी को पीड़ित चंदन कुमार साह ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया था कि उनके खाते से गलत तरीके से पैसे निकाले गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साइबर थाना कांड संख्या 20/2026 दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसालिगंज इलाके में छापेमारी की। इस दौरान अमर कुमार तांती और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने छापेमारी में 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक मोबाइल प्रिंटर, 10 एटीएम कार्ड, 12 बैंक पासबुक, दो आधार कार्ड और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से साइबर तकनीक का उपयोग कर किसानों को ठगी का शिकार बना रहा था। इस मामले में आईटी एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अज्ञात कॉल-लिंक से सतर्क रहने की सलाह पुलिस ने किसानों से अपील की है कि वे केवाईसी या बैंक संबंधी किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर थाना को दें।
पीएम किसान योजना में साइबर ठगी, दो बदमाश गिरफ्तार:6.33 लाख रुपए कैश जब्त, पासबुक-लैपटॉप बरामद, किसानों को निशाना बनाता था गिरोह
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