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भास्कर न्यूज| चाईबासा चक्रधरपुर में झारखंड आंदोलनकारी पूर्व विधायक बहादुर उरांव के आवासीय कार्यालय में गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन “झारखंड पुनरुथान अभियान” की प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता मुख्य रूप से झारखंड में आने वाली वर्ष में होने वाली परिसीमन पर लोगों को जागरूक करने के लिए किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अभियान के संस्थापक संरक्षक पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने कहा कि देश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व लोकसभा और विधानसभा में अपेक्षित रूप में हो इसके लिए देश के सभी अनुसूचित क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में वैसे ही आदिवासियों के लिए आरक्षण का व्यवस्था किया जाए, जैसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत,पंचायत समिति और जिला परिषद के एकल पद के लिए आरक्षित किया गया है और खासकर झारखंड राज्य का गठन ही आदिवासी राज्य के रूप में हुआ है। क्योंकि लोकसभा में तत्कालीन भारसाधक सदस्य लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि झारखंड राज्य के गठन होने से आदिवासियों के चिरप्रतिक्षित मांग पूरी होगी। झारखंड आंदोलनकारी पूर्व विधायक बहादुर उरांव ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में आदिवासियों को भी अपने हित के बारे में बोलने का अधिकार मिले। इसके लिए झारखंड विधानसभा में आदिवासी विधायक की संख्या परिसीमन में बढ़ना चाहिए। प्रेस वार्ता में अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु,केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी,अभियान के पश्चिम सिंहभूम जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती,अभियान के उपाध्यक्ष मंगल सरदार,उपाध्यक्ष बिरसा गोप,अभियान के जिला सचिव शैली शैलेन्द्र सिंकु,अभियान के संस्थापक सदस्य आतिश गगराई,मनोहरपुर प्रखंड अध्यक्ष विशाल गुड़िया,सुखन राम मुण्डा,रुईदास सरदार,हरे सियाराम सरदार,सहदेव महतो मौजूद थे।
