
खास बातें
ओरल पोलियो वैक्सीन सेफ है. असरदार है और दुनिया भर में पोलियो को समाप्त करने के लिए जरूरी है. इस वैक्सीन से बने पोलियो वायरस के स्वरूप के उभार से निपटने के लिए बेहतर इम्यूनाइजेशन की जरूरत है. अमेरिका के कम्युनिस्टी हेल्थ एक्सपर्ट ने इसकी जानकारी दी है.
पोलियोवायरस के अलग-अलग वैरिएंट से लकवा की जानकारी नहीं
भारत की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए गेट्स फाउंडेशन के उप निदेशक डॉ आनंद शंकर बंद्योपाध्याय ने कहा कि हाल के वर्षों में पोलियोवायरस के अलग-अलग वैरिएंट से लकवा का पता नहीं चला है, जो इस बात का संकेत है कि देश ‘हाई रेगुलर इम्यूनाइजेशन कवरेज बनाये रखने’ में कामयाब रहा है.
मार्च 2014 में पोलियो मुक्त घोषित हुआ था भारत
खास बात यह है कि भारत को मार्च 2014 में पोलियो-मुक्त घोषित किया गया था. डॉ आनंद शंकर बंद्योपाध्याय ने एक हिंदी न्यूज एजेंसी को बताया कि ओरल पोलियो वैक्सीन सुरक्षित, असरदार, सस्ती और देने में आसान है. रेगुलर इम्यूनाइजेशन और बड़े पैमाने पर टीकाकरण (वैक्सीनेशन) अभियान के जरये इसके इस्तेमाल से दुनिया भर में बच्चों में पोलियो वायरस का संक्रमण खत्म हो गया है. लकवे को रोका गया है. दुनिया का 99.9 प्रतिशत हिस्सा पोलियो-मुक्त है.
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खराब इम्यूनाइजेशन की वजह से उभरते हैं वैरिएंट
उन्होंने कहा कि पोलियो वैरिएंट मुख्य रूप से वीक इम्यूनाइजेशन वाले इलाकों में उभरते हैं. डॉ बंद्योपाध्याय ने कहा कि जिन इलाकों में लगातार खराब इम्यूनाइजेशन कवरेज है, वहां इसके वैरिएंट उभर सकते हैं.
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