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पिछले दिनों लोकल 18 ने ओवरब्रिज से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसमें मंदसौर प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है.

इस तरह लोग जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं पटरी पार
शादाब/मंदसौर. शहर के संजीत नाके पर बन रहे ओवरब्रिज का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिसकी लागत 30 करोड़ रुपये है. इस ओवरब्रिज का भूमि पूजन साल 2018 में हुआ था, लेकिन इसके बाद अब तक 2023 की आधी अवधि भी बीत चुकी है, फिर भी ओवरब्रिज का लोकार्पण नहीं हो सका है.
पिछले दिनों लोकल 18 ने ओवरब्रिज से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ विधायक भी शामिल थे. मंदसौर प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव हाल ही में मंदसौर दौरे पर गए थे और उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की थी. इसी दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि संजीत नाका ओवरब्रिज का काम 30 अक्टूबर तक पूरा किया जाना चाहिए. वे इसके साथ ही, जिले में अधूरे पड़े कार्यों के चलते नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं. स्वयं सेतु विभाग के एसडीओ ने प्रभारी मंत्री के आदेश को स्वीकारते हुए उन्हें आश्वस्त किया है कि ओवर ब्रिज का काम 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. इस दौरान, हजारों लोगों को और ओवर ब्रिज की समस्या से परेशान होने की संभावना है.
काफी लोग हो रहे है परेशान
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कारण, लगभग 15 कॉलोनियों और एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन परेशानियों का सामना कर रहे हैं. ओवरब्रिज के आसपास के निवासियों को अब मजबूरी में पड़कर पटरी पार करना हो रहा है, जिससे उनकी जान जोखिम में आ सकती है. संजीत नाके से रेलवे स्टेशन के निकटस्थित होने के कारण, यहां ट्रेनों का आवागमन भी अधिक होता है. इस परिस्थिति में, लोग किस तरह से जान जोखिम में डालकर रेल की पटरी पार कर रहे हैं, वह देख सकते हैं.
कई बार भेजें जा चुके है नोटिस
जानकारी के मुताबिक, ब्लैक लिस्टेड कंपनी पर अफसरों की मेहरबानी का प्रभावकारी परिणाम हो रहा है. ओवरब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनी को देरी के कारण कई बार नोटिस दिए गए हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई है. अब खबर है कि कंपनी को ब्लैक लिस्टेड में शामिल कर दिया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के फरमान के बाद अधिकारियों पर कितना असर पड़ता है और आखिरकार कब तक संजीत नाका ओवरब्रिज का काम पूरा होता है.




