
प्रतिनिधि,सीवान.जिले में धान खरीद का कार्य जोर-शोर से चल रहा है.सरकार की प्राथमिकता है कि जन वितरण प्रणाली के तहत आम लोगों को मिलने वाला चावल पौष्टिक और मानक के अनुरूप हो. इसके लिए धान से तैयार सामान्य चावल में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) मिलाकर फोर्टिफाइड चावल तैयार किया जा रहा है. हाल के दिनों में एफआरके की आपूर्ति को लेकर कुछ आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद निगम ने सख्त रुख अपनाया है.निगम की ओर से बताया गया है कि एफआरके की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से 10 आपूर्तिकर्ताओं का चयन किया गया है.इन आपूर्तिकर्ताओं को अलग-अलग जिलों से संबद्ध करते हुए आवंटन आदेश जारी किया गया है, ताकि चावल मिलों को समय पर एफआरके मिल सके और फोर्टिफाइड चावल का उत्पादन प्रभावित न हो.इसके बावजूद निर्धारित मात्रा के अनुरूप एफआरके आपूर्ति नहीं होने और गुणवत्ता में कमी की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं. इन शिकायतों की जांच के लिए संबंधित जिलाधिकारियों से अनुरोध किया गया है.साथ ही निगम मुख्यालय, पटना स्तर से भी एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की पड़ताल करेगा. उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भारत सरकार के स्तर से एफआरके के तैयार बैचों की जांच कराई जा रही है. जांच में सफल बैचों को ‘फॉरट्रेस पोर्टल’ पर अपलोड किया जा रहा है. इसके बाद ही अरवा और उसना चावल मिलर संबंधित आपूर्तिकर्ताओं से मांग पत्र (इंडेंट) के माध्यम से एफआरके की आपूर्ति ले रहे हैं. जिला प्रबंधक को निर्देश दिया गया है कि वे एफआरके की उपलब्धता के आधार पर समानुपातिक रूप से मिलरों को आपूर्ति सुनिश्चित करें. यदि कोई आपूर्तिकर्ता तय अनुपात में एफआरके उपलब्ध नहीं कराता है, तो ऐसी आपूर्ति को स्वीकृति नहीं दी जाएगी.साथ ही जिला प्रबंधकों को अपने स्तर से मानक के अनुरूप एफआरके का मिश्रण और आपूर्ति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है.मुख्य महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) ने कहा है कि फोर्टिफाइड चावल की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
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