
बांग्लादेश के सुंदरबन क्षेत्र में समुद्री लुटेरों के बढ़ते आतंक के बीच भारत ने सीमावर्ती सुंदरबन इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. सीमा पार सक्रिय गिरोह भारतीय जल क्षेत्र में पैर न पसार सकें, इसके लिए इंडियन कोस्ट गार्ड (आइसीजी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस को संयुक्त रूप से चौकसी बढ़ाने के आदेश दिये गये हैं.
बांग्लादेश में समुद्री लुटेरों से लड़ने के लिए स्पेशल ऑपरेशन
समुद्री लुटेरों की बढ़ रही गतिविधियों के कारण बांग्लादेश में वहां के कोस्ट गार्ड के नेतृत्व में विशेष संयुक्त अभियान शुरू किया गया है. इसमें वहां की नौसेना, रैपिड एक्शन बटालियन और पुलिस शामिल है. हाल के महीनों में बांग्लादेश में मछुआरों के अपहरण, लूटपाट और फिरौती की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गयी है.
बांग्लादेश में सक्रिय समुद्री लुटेरे सक्रिय, भारत अलर्ट
लूटपाट करने वाले 6 गिरोहों की मौजूदगी की बात सामने आने के बाद व्यापक ऑपरेशन शुरू किया गया है. बांग्लादेश में इस सख्ती के मद्देनजर भारतीय एजेंसियां भी हाई अलर्ट पर हैं. सुंदरबन का विशाल मैंग्रोव क्षेत्र भारत और बांग्लादेश में फैला हुआ है. भारतीय हिस्से में यह इलाका मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में आता है.
भारत-बांग्लादेश नदी सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ायी गयी
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय नदी सीमा पर पेट्रोलिंग टीम की संख्या बढ़ा दी गयी है. खासकर विद्या, हरिभंगा और रायमंगल जैसी सीमावर्ती नदियों में गश्त तेज कर दी गयी है. बीएसएफ की वाटर विंग और आईसीजी के तेज रफ्तार पोत की निगरानी भी बढ़ायी गयी है. जिला पुलिस और तटीय थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
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मछुआरों और बोट चलाने वालों की सघन जांच
मछुआरों और स्थानीय बोट चालकों की पहचान की भी सघन जांच की जा रही है. संदिग्ध नावों और बाहरी व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है. भारतीय सुंदरबन का बड़ा हिस्सा सुंदरबन नेशनल पार्क और उससे सटे बफर जोन में आता है. गोसाबा, बासंती, नामखाना, पाथरप्रतिमा और काकद्वीप जैसे क्षेत्रों में भी निगरानी कड़ी कर दी गयी है. संवेदनशील जेट्टी घाटों और नदी मार्गों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ायी गयी है.
समुद्री लुटेरों के भारतीय सीमा में घुसपैठ की आशंका
प्रशासन का मानना है कि सीमा पार अभियान के दबाव में कुछ आपराधिक गिरोह भारतीय जलक्षेत्र में आने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि, अभी तक भारतीय क्षेत्र में किसी बड़े समुद्री लुटेरे गिरोह की सक्रियता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एजेंसियां कोई जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं है.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर को-ऑर्डिनेशन सिस्टम एक्टिव
स्थानीय प्रशासन ने सुंदरबन के मछुआरों और शहद संग्रह करने वालों से कहा गया है कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर समन्वय तंत्र भी सक्रिय है, ताकि दोनों देशों की एजेंसियां समय रहते सूचना साझा कर सकें.
मैंग्रोव जंगल और नदी-नालों से घिरा क्षेत्र है सुंदरबन
सुंदरबन घने मैंग्रोव जंगल, कई नदी-नालों और समुद्री मुहानों से घिरा है. यही कारण है कि यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. इसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व घुसपैठ या लूटपाट की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए भारतीय एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुंदरबन को किसी भी सूरत में अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जायेगा.
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