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Bengal News: कोलकाता. काम की तलाश में कर्नाटक के बेंगलुरु गये नंदीग्राम के एक दंपति को कथित तौर पर बांग्लादेशी होने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया था. घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों ने तत्काल तृणमूल नेताओं से संपर्क साधा. सांसद व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद दोनों को जमानत मिल गयी. इस घटना को लेकर इलाके में काफी चर्चा और सवाल उठ रहे हैं.
12 जनवरी को हुए थे गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम के 7 नंबर जलपाई गांव के निवासी शेख महिदुल और उनकी पत्नी सर्वानु बीबी रोजगार की तलाश में बेंगलुरु गये थे. वहां दोनों एक होटल में काम कर रहे थे. दंपती के परिवार का आरोप है कि बांग्ला भाषा में बात करने के कारण स्थानीय पुलिस को उन पर बांग्लादेशी होने का संदेह हुआ और 12 जनवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. परिवार का यह भी दावा है कि सभी वैध दस्तावेज दिखाने के बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
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पति-पत्नी लौट रहे बंगाल
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्थानीय तृणमूल नेताओं में मदद मांगी. बाद में मामला सांसद अभिषेक बनर्जी के संज्ञान में आया. इसके बाद उन्होंने दंपती की रिहाई के लिए पहल की. अंततः कर्नाटक पुलिस ने दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया है. रिहाई के बाद दंपती ने अभिषेक बनर्जी का धन्यवाद किया है. नंदीग्राम ब्लॉक-एक तृणमूल कोर कमेटी के सदस्य शेख अल राजी ने कहा कि दंपती से बात हुई है और वे जल्द ही अपने गांव नंदीग्राम लौटेंगे.
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