![]()
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान जारी है। इसी कड़ी में आज निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने कार्रवाई करते हुए बेगूसराय के मंसूरचक प्रखंड के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और एक डीलर को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। निगरानी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की, जिसमें सरकारी पद का दुरुपयोग कर रहे अधिकारी और उनके बिचौलिए को धर दबोचा गया। गिरफ्तार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की पहचान शैलेंद्र कुमार के रुप में हुई है। यह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मंसूरचक के पद पर पोस्टेड और भगवानपुर के अतिरिक्त प्रभार में थे। दलाल की पहचान समसा पंचायत-दो के डीलर विद्या सागर के रूप में हुई है। इन दोनों को 12 हजार रुपये की रिश्वत की रकम के साथ मंसूरचक थाना क्षेत्र के नवटोल गांव में सड़क किनारे से गिरफ्तार किया गया। मामले में भगवानपुर प्रखंड के तेयाय गांव निवासी पप्पू पासवान ने पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता पप्पू पासवान ने आरोप लगाया था कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार और उनके साथ जुड़े डीलर विद्या सागर की ओर से जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बेचे जाने वाले अनाज पर 25 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चार महीने का कमीशन मांगा जा रहा था। इसके अलावा लाइसेंस के नवीकरण के नाम पर भी अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। रिश्वत के 12 हजार रुपये बरामद शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में पाया गया कि रिश्वत की मांग की बात पूरी तरह सही है। इसके बाद निगरानी विभाग के डीएसपी रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। आज जैसे ही डीलर विद्या सागर और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने रिश्वत लिया कि निगरानी टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से रिश्वत के 12 हजार रुपये बरामद किए गए। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम दोनों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से बेगूसराय के हड़कंप मच गया है।

