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अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सरकारी कर्मचारियों ने आज मांगों को लेकर बेगूसराय में प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं करेगी, तो हड़ताल पर जाएंगे। नेताओं ने कहा कि इस मांग दिवस के माध्यम से वे सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं। NPS और UPS के नाम पर उनके सामाजिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार जल्द से जल्द पुरानी पेंशन योजना लागू करें। जनवरी 2026 से लागू होने वाले 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेज की जाए। सरकार की ओर से गठित कमेटी को जल्द रिपोर्ट देने और तब तक 5 से 10 प्रतिशत अंतरिम राहत देने की मांग की गई है। चतुर्थ वर्गीय पदों को समाप्त करने और दैनिक वेतनभोगियों के शोषण का विरोध किया गया। मांग है कि सभी संविदा और दैनिक कर्मियों की सेवा को नियमित किया जाए। लाए गए 4 नए लेबर कोड को रद्द कर पुराना 44 श्रम कानून बहाल हो। पूरे देश में मांग दिवस मनाया जा रहा आज पूरे देश में मांग दिवस मनाया जा रहा है। सरकार ठेका, संविदा और मानदेय के नाम पर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। चतुर्थ श्रेणी के पदों को खत्म कर दिया गया है। हम मांग करते हैं कि इन सभी कर्मियों की सेवा नियमित की जाए। उन्होंने आगे कहा कि 8वां वेतन आयोग लागू करने में हो रही देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने कमेटी बनाकर इसे 18 महीने के लिए टाल दिया है, जो कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। बिहार सरकार ने सितंबर 2005 और केंद्र ने जनवरी 2004 से पुरानी पेंशन बंद कर दी थी। PFRDA बिल के माध्यम से जो नई व्यवस्था लाई गई है, वह कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा छीनने जैसी है। आज का यह प्रदर्शन तो सिर्फ एक शुरुआत है। यदि सरकार ज्ञापन में दर्ज हमारी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस दौरान भारी संख्या में कर्मचारी संघ के सदस्य लाल झंडों और बैनरों के साथ समाहरणालय के नजदीक डटे रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बेगूसराय में सरकारी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन:कहा- पुरानी पेंशन योजना बहाल करो, 8वां वेतन आयोग लागू हो
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