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भागलपुर के मायागंज(JLNMCH) में हड्डी विभाग के डॉक्टर ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल अधीक्षक, सांसद और जिलाधिकारी से शिकायत करने पर डॉक्टर ने मरीज को पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया। इस मामले को लेकर पीरपैंती थाना क्षेत्र के बड़ी मोहद्दीपुर निवासी रामप्रवेश मंडल ने शिकायत दर्ज कराई है। रामप्रवेश मंडल ने बताया कि मेरी मां का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा था। ई-रिक्शा की टक्कर से कमर की हड्डी टूट गई थी, इलाज के लिए एडमिट कराया गया था। 31 मार्च 2026 को शाम 7 बजे डॉक्टर कन्हैया लाल ने निजी क्लिनिक में बुलाकर रुपए लाने को कहा। उस समय मेरे पास उतने पैसे नहीं थी। जिसके बाद इलाज में लापरवाही बरती गई। 1 अप्रैल अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर से मां को वापस कर दिया। फिर से 40 हजार रुपए देने का दबाव बनाया गया। पैसे नहीं देने पर ऑपरेशन नहीं किया पीड़ित का कहना है कि उनके पास इतनी बड़ी राशि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण उनकी मां का इलाज प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक ऑपरेशन नहीं किया जाएगा। परेशान होकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। लिखित तौर पर देंगे जवाब विवाद बढ़ने पर डॉक्टर कन्हैया लाल ने सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। हम विभाग को लिखित तौर पर जवाब देंगे। बदनाम करने की साजिश वहीं, अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि उपकरण नहीं रहने के वजह से उन्हें पटना रेफर किया गया है। अस्पताल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मौखिक तौर पर अधीक्षक ने कहा कि अब मीडियाकर्मियों को बिना HOD के परमिशन के अंदर आने की अनुमति नहीं होगी।

