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भास्कर न्यूज|गुमला चैत्र नवरात्र में विशेष संयोग में चैती मां दुर्गा, छठ मइया, हनुमान जी की पूजा होगी और श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस वर्ष 19 मार्च दिन गुरुवार से चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सनातनी हिंदु नव वर्ष संवत्सर प्रारंभ होगा। इस मंगलकारी वर्ष में सभी का जीवन मंगल होगा। मां दुर्गा पूजा के महानवमी पर ही श्रीरामनवमी की पूजा होगी। चैत्र नवरात्र को वासंतिक नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्र में सर्वार्थसिद्धि बन रही है। वहीं नवरात्र के विशेष संयोग पर पूजन व अनुष्ठान से लोगों पर विशेष कृपा बरसेगी। वहीं सुख, शांति, समृद्धि की कामना पूरी होगी। चैत्र महीना में में देवी-देवताओं की पूजा करने वालों पर कृपा से उनका जीवन धन्य होगा। चैत्र नवरात्र पर मंदिरों व घरों में-कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ होगी। 19 मार्च को कलश स्थापना होगी। शहर के पालकोट रोड के शक्ति मंदिर के पुजारी व आचार्य हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को मुहूर्त सुबह 6.40 के बाद और अभिजीत मुहूर्त 12.05 से 12.53 बजे के बीच भी कलश स्थापना की जा सकती है। 9 दिन तक मां दुर्गा की पूजा व पाठ होगा। उन्होंने बताया कि वासंतिक नवरात्र में 24 मार्च को महाषष्ठी, 25 को महासप्तमी, 26 मार्च को महाअष्टमी पूजा होगी। 27 मार्च को अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाएगी। महानवमी पूजन के बाद तक हवन करना शुभकारी होगा। श्रीरामनवमी पूजा की पूर्व संध्या पर 26 मार्च की शाम मंदिरों में आरती के बाद पूजन के साथ महावीरी ध्वजों को स्थापित की जाएगी। मंदिरों में महावीरी ध्वज स्थापित होने के बाद, दूसरे दिन 27 मार्च को श्रीरामनवमी की पूजा कर लोग मंदिर व अपने घरों में महावीरी ध्वज स्थापित करेंगे। चैत्र नवरात्र में छठ पूजा का विशेष महत्व है। 22 मार्च रविवार को नहाय खाय के साथ चैती महाछठ पूजा प्रारंभ होगी। 24 मार्च दिन मंगलवार की शाम छठ व्रती सभी जलाशयों के छठ घाटों में अस्ता लगामी भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य देगी। 25 मार्च दिन बुधवार अहले सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को छठ व्रतियों द्वारा अर्घ्य दिया जाएगा। शक्ति मंदिर के आचार्य हरिशंकर मिश्रा बताते है कि चैत्र नवरात्र के विशेष संयोग से मां दुर्गा की कृपा लोगों को मिलेगी। उन्होंने बताया कि नवरात्र पर लोग मंदिरों में दीप दान करें और अपने घरों के मुख्य द्वार व पूजा स्थान पर दो दीए जलाए। नवरात्र तक दीपदान अत्यधिक कल्याणकारी होगा। नववर्ष की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह वर्ष सभी के लिए मंगल व आनंदमय होगा। गौरतलब है कि चैत्र महीना के नवरात्र में ही श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 27 मार्च को श्रीराम जन्मोत्सव, श्री राम नवमी मनेगा। जन्मोत्सव पर मंदिरों में कई धार्मिक कार्यक्रम किए जाएंगे।
मां दुर्गा, छठ, हनुमान जी की होगी पूजा श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनेगा
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