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मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने आज एक महिला के शव को श्मशान घाट पर जलने से ठीक पहले अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई मृतका के मायके वालों की ओर से हत्या का आरोप लगाने के बाद की गई है। मृतका की पहचान अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया निवासी पिंकी देवी (24) के रूप में हुई है। पिंकी की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग अंतिम संस्कार के लिए उसे कांटी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर स्थित श्मशान घाट ले गए थे। शव को चिता पर रखा जा चुका था और मुखाग्नि की तैयारी चल रही थी। इसी बीच, सूचना मिलते ही कांटी थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जलने के लिए तैयार शव को चिता से नीचे उतरवाया। उसे अपने कब्जे में लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवा दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई बोला- मारपीट के बाद बिगड़ी तबीयत इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मृतका के भाई प्रिंस कुमार (निवासी मानपुरा, बरूराज) ने ससुराल वालों पर आरोप लगाए। प्रिंस का दावा है कि उनकी बहन पिंकी को ससुराल में लगातार मारपीट और प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रताड़ना के कारण उसकी हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मायके पक्ष ने इसे सोची-समझी हत्या करार देते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, मृतका के पति सूरज ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सूरज का कहना है कि पिंकी की मौत प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) और अस्पताल में इलाज के दौरान हुई जटिलताओं के कारण हुई है। ससुराल पक्ष का दावा है कि उन्होंने पिंकी को बचाने की पूरी कोशिश की और इसमें किसी भी प्रकार की हिंसा या साजिश शामिल नहीं है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी ने बताया कि पुलिस ने सूचना मिलते ही कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चिता जल जाती, तो मौत के सही कारणों का पता लगाना और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना लगभग असंभव हो जाता। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पिंकी की मौत सामान्य थी या यह हत्या का मामला है। पुलिस की इस मुस्तैदी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।


