'मेरे जुड़वा बच्चे हुए थे, एक को नर्स ने रखा':नवजात बेटे की तलाश में 4 महीने बाद पुलिस के पास पहुंची महिला; डॉक्टर बोले- आरोप झूठा

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‘अस्पताल में मेरे जुड़वां बच्चे हुए थे। प्रसव के दौरान मैंने दोनों बच्चों की आवाज सुनी थी, इसके बाद बेहोश हो गई। जब होश आया तो नर्स ने मुझे बेटी दी और कहा कि सूजन था इसलिए लग रहा था कि जुड़वां बच्चे हैं, तुम्हें एक बेटी ही हुई है। नर्स ने ही मेरे नवजात बेटे को अपने पास रख लिया है।’ बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र के भवानंदपुर नवटोलिया की रहने वाली 26 साल की ममता कुमारी ने ये आरोप लगाए हैं। ममता कुमारी पेशे से मजदूर 34 साल के पति रोशन कुमार के साथ 14 मार्च को वीरपुर थाना गई थी। ममता ने बताया कि घटना लक्ष्मीपुर चौक पर संचालित आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन की है। शिकायतकर्ता ममता की ओर से अस्पताल के एक डॉक्टर एवं दो महिला कर्मी पर बच्चा गायब करने का आरोप लगाया है। फिलहाल वीरपुर थाना की पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले का अनुसंधान कर रही है। नाबालिग बच्चे की चोरी का मामला क्या है? शिकायतकर्ता महिला का क्या कहना है? महिला आखिर 4 महीने बाद क्यों पुलिस के पास पहुंची? आरोपों को लेकर अस्पताल का क्या कहना है? पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले नाबालिग बच्चे की चोरी का मामला समझिए शिकायत करने वाली ममता ने बेगूसराय के लक्ष्मी चौक पर स्थित आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन और दो महिला कर्मचारियों पर नवजात के चोरी का आरोप लगाया है। ममता कुमारी ने बताया कि मेरी शादी 6 साल पहले मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित शिवराहा चतुर्भुज गांव के रहने वाले रोशन कुमार के साथ हुई है। उसने बताया कि चार साल पहले मां बनी थी। दूसरी बार गर्भवती होने पर पिछले साल वो अपने मायके भवानंदपुर नवटोलिया आई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में इलाज करवाना शुरू किया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी। इसके बाद ममता ने डॉ. विकास कुमार के यहां शिवानी अल्ट्रासाउंड मलाही पकड़ी में अल्ट्रासाउंड कराया। ममता के मुताबिक, अल्ट्रासाउंड में बताया गया कि तुम्हारे पेट में दो बच्चे हैं, दोनों स्वस्थ्य हैं। 19 नवंबर 2025 को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वीरपुर सरकारी अस्पताल गई। यहां बताया गया कि आपके गर्भ में दो बच्चे हैं। सरकारी अस्पताल में प्रसव कराना खतरा उठाने जैसा होगा। दोनों में से एक ही बच्चे को हम बचा पाएंगे। सरकारी अस्पताल की नर्स ने प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह दी शिकायतकर्ता ने कहा कि सरकारी अस्पताल की एक नर्स ने मुझे प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह दी। इसके बाद मैं पति के साथ आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन पहुंची। इस प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली निशा कुमारी और उजाला कुमारी से मेरी मुलाकात हुई। दोनों ने बताया कि यहां के डॉक्टर काफी अच्छे हैं। ममता ने बताया कि इलाज से लेकर प्रसव तक निशा और उजाला की देखरेख में हुआ। मैंने बच्चों को जन्म दिया तो मुझे दो बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी, उसके बाद मैं बेहोश हो गई। थोड़ी देर बाद निशा कुमारी मेरे पास आई और मेरी गोद में नवजात बेटी को रख दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, निशा ने बताया कि सूजन के कारण पेट अधिक बड़ा दिख रहा था। जब निशा ये सब बता रही थी, तब मेरी मां वहां मौजूद थी। मेरी मां ने तत्काल कहा कि ममता को दो बच्चे हुए थे। इतना कहने के बाद निशा मेरी मां और मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगी। निशा ने कहा कि बच्ची को पकड़ो और यहां से चले जाओ। ममता के मुताबिक, मैं अपनी बेटी को गोद में लेकर अपनी मां के साथ घर आ गई। अब समझिए, 4 महीने बाद पुलिस के पास क्यों पहुंची ममता? ममता के मुताबिक, उजाला कुमारी फरवरी में मेरे पास पहुंची। उसने बताया कि तुम्हें अस्पताल में जुड़वां बच्चे हुए थे। तुमने एक बेटे और एक बेटी को जन्म दिया था। तुम्हारे एक बच्चे को निशा कुमारी ने रख लिया था। निशा ने अपने इंस्टाग्राम पर तुम्हारे बेटे के साथ तस्वीर भी लगाई है। दरअसल, उजाला का अस्पताल प्रबंधन से झगड़ा हो गया था, जिसके बाद उजाला ने ममता को सारी बातें बता दी। ममता ने बताया कि उजाला की ओर से जानकारी के बाद मैं अपने पति और मां के साथ अस्पताल पहुंची, निशा कुमारी से बेटे की मांग तो वो अस्पताल से भाग गई। ममता ने इसके बाद बीरपुर थाना में नर्स निशा कुमारी, उजाला कुमारी और डॉक्टर ज्ञान रंजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ममता ने कहा कि तीनों ने आपस में मिलकर षड्यंत्र रचकर मेरे एक बच्चे को रख लिया है। ममता ने कहा- निशा कुमारी मुझे धमकी दे रही है ममता ने बताया कि अब निशा कुमारी की ओर से मुझे बराबर धमकी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि पुलिस के पास से शिकायत वापस ले लो, नहीं तो तुम्हारे पति की हत्या करा दूंगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि ममता ने सिर्फ चर्चा की कि दो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मेरे पास है, जिसमें एक मुजफ्फरपुर और दूसरा मलाही पकड़ी की है। उन्होंने कहा कि अब ममता जो रिपोर्ट दिखा रही है, वो बेगूसराय मंझौल का है। प्रसव होने के 3 महीने के बाद इस मुद्दे को उठाया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। डिलीवरी के समय एकमात्र बच्चा हुआ था, जो उनके घर के तीन परिजन और एक रिश्तेदार को दिखा दिया गया था। वहीं, वीरपुर थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि ममता कुमारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच का जिम्मा SI ऋषिकेश भारद्वाज को सौंपा गया है। सभी पहलुओं पर अनुसंधान चल रहा है, उसके बाद ही खुलासा हो सकेगा।

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