
Governor change News/6.3.26: केंद्र सरकार ने होली खत्म होते ही 8 राज्यों के राज्यपाल बदल दिए है।जिसपर गुरुवार की रात एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिहार समेत देश के आठ राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति कर दी है। इस फेरबदल में भारतीय सेना के दिग्गज अधिकारी रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे आरिफ मोहम्मद खां का स्थान लेंगे।
राज्य में यह बदलाव उस समय हो रहा है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने और राज्य में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी की खबरें जोरों पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि बिहार की पॉलिटिक्स में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगी।
कौन हैं नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन?
सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के एक सम्मानित और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ अधिकारी रहे हैं। उनके करियर की कुछ प्रमुख बातें:
- सैन्य अनुभव: उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सेना की महत्वपूर्ण 15वीं कोर की कमान संभाली है।
- प्रमुख ऑपरेशन: वे श्रीलंका में ‘ऑपरेशन पवन’ (1988-90) और पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा रहे हैं।
- शिक्षा: उनकी पढ़ाई नैनीताल, दिल्ली और लंदन के किंग्स कॉलेज से हुई है।
- अन्य पद: वे कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य भी रह चुके हैं।
- विरासत: उनके पिता मेजर जनरल सईद महदी हसनैन भी भारतीय सेना में उच्च पद पर रहे थे।
नंदकिशोर यादव को नगालैंड की कमान
बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता नंदकिशोर यादव को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह बिहार के किसी वरिष्ठ नेता का राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान माना जा रहा है।
बिहार में राज्यपालों का ‘म्यूजिकल चेयर’
पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार में राजभवन के चेहरे तेजी से बदले हैं। पिछले 10 वर्षों में 7 राज्यपाल बदले जा चुके हैं।
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राज्यपाल का नाम |
कार्यकाल |
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आरिफ मोहम्मद खां |
वर्तमान (अब स्थानांतरित) |
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राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर |
17 फरवरी 2023 – 1 जनवरी 2025 |
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फागू चौहान |
29 जुलाई 2019 – 16 फरवरी 2023 |
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लालजी टंडन |
23 अगस्त 2018 – 28 जुलाई 2019 |
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सत्यपाल मलिक |
4 अक्टूबर 2017 – 22 अगस्त 2018 |
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केशरी नाथ त्रिपाठी |
जून 2017 – अगस्त 2017 (अतिरिक्त प्रभार) |
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रामनाथ कोविंद |
16 अगस्त 2015 – 21 जून 2017 |
बिहार में राज्यपालों का औसत कार्यकाल पिछले कुछ वर्षों में मात्र 1.5 से 2 साल रहा है। रामनाथ कोविंद के बाद से किसी भी राज्यपाल ने अपना 5 साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा नहीं किया है।
अब आगे क्या?
बिहार में नए राज्यपाल की नियुक्ति के साथ ही अब सबकी नजरें सत्ता के गलियारों पर टिकी हैं। क्या नीतीश कुमार वाकई दिल्ली की राजनीति का रुख करेंगे? और अगर ऐसा होता है, तो बिहार की कमान किसके हाथ में होगी?




